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छोटी नर्सरी योजना से बढ़ेगी किसानों और ग्रामीण युवाओं की आय, मिल रही ₹10 लाख तक सब्सिडी

नर्सरी बिजनेस सब्सिडी
नर्सरी बिजनेस सब्सिडी

किसानों और ग्रामीण युवाओं की आय बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक अहम योजना शुरू की है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत लागू छोटी नर्सरी योजना के जरिए अब कम जमीन में पौधों की नर्सरी लगाकर अच्छी कमाई की जा सकती है। इस योजना में नर्सरी स्थापना पर ₹10 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है।

किसानों के साथ आम लोग भी उठा सकते हैं लाभ:

बिहार सरकार का लक्ष्य केवल किसानों तक सीमित नहीं है। इस योजना का फायदा महिलाएं, युवा, स्वयं सहायता समूह और आम नागरिक भी उठा सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और हरित विकास को गति मिलेगी।

क्या है छोटी नर्सरी योजना:

इस योजना के तहत फलदार, फूलों वाले, छायादार और औषधीय पौधों की नर्सरी लगाने के लिए सरकार आर्थिक सहायता देती है। कम लागत, आसान प्रक्रिया और सरकारी मार्गदर्शन के कारण यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

क्यों शुरू की गई यह योजना:

पारंपरिक खेती से सीमित आमदनी को देखते हुए सरकार चाहती है कि किसान धान-गेहूं से आगे बढ़कर बागवानी और पौध उत्पादन जैसे विकल्प अपनाएं। इससे किसानों को अतिरिक्त आय के साथ जोखिम भी कम होगा।

किसानों और ग्रामीण युवाओं को मिलने वाले बड़े फायदे:

  1. कम लागत में रोजगार का अवसर
  2. घर या आंगन से व्यवसाय शुरू करने की सुविधा
  3. सरकारी सब्सिडी और तकनीकी सहायता
  4. महिलाओं और युवाओं के लिए स्वरोजगार
  5. पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा

कितनी मिलेगी सब्सिडी और कैसे:

सरकार ने परियोजना लागत ₹20 लाख प्रति हेक्टेयर तय की है, जिसमें से

  1. 50% यानी अधिकतम ₹10 लाख तक सब्सिडी मिलेगी
  2. पहली किस्त: ₹6 लाख (60%)
  3. दूसरी किस्त: ₹4 लाख (40%)
  4. सब्सिडी की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।

पौधे कहां से खरीदें:

  1. सरकारी नर्सरी (उद्यान/वन विभाग)
  2. कृषि विज्ञान केंद्र (KVK)
  3. ब्लॉक या पंचायत स्तर की सरकारी आपूर्ति

कैसे शुरू करें छोटी नर्सरी:

  1. स्थान चुनें: आंगन, खेत या खाली जमीन
  2. पौधों का चयन: आम, अमरूद, नींबू, पपीता, गुलाब, गेंदा, तुलसी
  3. रोपण और देखभाल: पॉलीबैग, नियमित सिंचाई और छाया
  4. बिक्री: स्थानीय बाजार या सरकारी योजनाओं में

ऑनलाइन आवेदन की आसान प्रक्रिया:

  1. योजना का लाभ लेने के लिये वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाएं
  2. “छोटी नर्सरी की स्थापना” लिंक पर क्लिक करें
  3. जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें
  4. जिला सत्यापन के बाद सब्सिडी जारी होगी
  5. आवेदन की अंतिम तिथि: 25 जनवरी 2026

FAQs:

Q1. छोटी नर्सरी योजना किस राज्य में लागू है?
यह योजना बिहार सरकार द्वारा लागू की गई है।

Q2. इस योजना में अधिकतम कितनी सब्सिडी मिलती है?
अधिकतम ₹10 लाख तक की सब्सिडी मिलती है।

Q3. क्या किसान के अलावा आम लोग भी आवेदन कर सकते हैं?
हाँ, महिलाएं, युवा, SHG और आम नागरिक भी आवेदन कर सकते हैं।

Q4. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है या ऑफलाइन?
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है।

Q5. छोटी नर्सरी में कौन-से पौधे लगाए जा सकते हैं?
आम, अमरूद, नींबू, पपीता, गुलाब, गेंदा, तुलसी जैसे पौधे लगाए जा सकते हैं।

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