मध्यप्रदेश की मंडियों में नवंबर 2025 के दौरान प्याज के थोक भावों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। राज्य का औसत भाव ₹880.51 प्रति क्विंटल रहा, जो पिछले महीनों की तुलना में काफी कम है। कई प्रमुख जिलों में दाम में भारी गिरावट आई, जबकि कुछ इलाकों में भाव स्थिर या हल्की बढ़त के साथ रहे। कुल मिलाकर प्याज बाजार मंदी के दबाव में दिखाई दिया।
वहीं मध्यप्रदेश के थोक प्याज बाजारों में नवंबर 2024 के दौरान तेज़ी और मंदी दोनों ही रुझान देखने को मिले। राज्यभर के प्रमुख कृषि मंडियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जहां कुछ जिलों में कीमतें 4,000 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर रहीं, वहीं कई जगह दाम 1,000 रुपये से भी नीचे दर्ज किए गए। इस वजह से किसानों और व्यापारियों दोनों को मिलाजुला असर देखने को मिला।
नवंबर 2025 में पूरे राज्य में सतना जिला ही एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा जहां प्याज के भाव सबसे अधिक ₹2,500 प्रति क्विंटल तक पहुंचे। उच्च गुणवत्ता वाली आवक और स्थानीय मांग बढ़ने के कारण कीमतें अन्य जिलों की तुलना में कहीं अधिक रहीं।
राजधानी भोपाल (₹625.32), देवास (₹415.05) और मंदसौर (₹410.93) में प्याज के थोक भाव बेहद नीचे रहे। इन जिलों में भाव 500–650 रुपये प्रति क्विंटल की रेंज में रहे। अधिक आवक, कमजोर गुणवत्ता और कम मांग को गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है।
नवंबर में सबसे कम भाव राजगढ़: ₹306.48/quintal, सीहोर: ₹263.92/quintal दर्ज किए गए। यह कीमतें राज्य के औसत भाव से काफी कम हैं। स्थानीय स्तर पर भारी आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों में सुस्ती के कारण दाम ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गए।
कुछ जिलों में प्याज बाजार में मजबूती दिखी, जिनमें प्रमुख हैं, होशंगाबाद: ₹1,341.10, जबलपुर: ₹1,648.05 , रायसेन: ₹1,285.71 इन जिलों में अच्छी गुणवत्ता की आवक और व्यापारिक मांग के कारण भाव 1,200–1,600 रुपये के स्तर तक रहे। जबलपुर राज्य में दूसरे सबसे अधिक भाव वाला जिला रहा।
इन जिलों में कीमतें 450–700 रुपये प्रति क्विंटल की रेंज में रहीं...
यह दर्शाता है कि माल की अधिक उपलब्धता और बाजार में हल्की मांग के कारण दामों में दबाव बना रहा। नवंबर 2025 में पूरे राज्य का औसत थोक भाव सिर्फ ₹880.51 प्रति क्विंटल रहा।
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