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Monsoon Update 2026: मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बड़ा यू-टर्न: कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं 46°C की झुलसाती लू

मानसून अपडेट 2026
मानसून अपडेट 2026

दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात में तापमान में हल्की गिरावट की संभावना जताई गई है। पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों तक सभी को मौसम के बदलते तेवरों के बीच सतर्क रहने की जरूरत है।

महाराष्ट्र और गुजरात में तापमान में गिरावट Temperatures drop in Maharashtra and Gujarat:

मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र और गुजरात में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। हालांकि देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।

कई राज्यों में भीषण लू का अलर्ट जारी:

एक तरफ जहां कई राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में बना हुआ है। मध्य प्रदेश, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में आज का मौसम, राजस्थान और विदर्भ में 20 से 25 मई के दौरान लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनने की संभावना है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में रात के समय भी गर्म हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिलेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी गर्म और उमस भरा मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है।

राजधानी में सूरज बरसा रहा आग, लू ने बढ़ाई मुश्किलें:

दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। मई के तीसरे सप्ताह में ही राजधानी का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंचता दिख रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 20 मई को दिल्ली का आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जिससे धूप और अधिक तेज महसूस होगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। कई इलाकों में लू का असर लगातार बना रहेगा, जिससे दिन के समय बाहर निकलना लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। राजधानीवासियों को अगले दो दिनों तक भी गर्मी से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। 21 और 22 मई को अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।

पूर्वी भारत में आंधी-बारिश का असर बढ़ेगा:

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में कई जगहों पर तेज आंधी के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 22 और 23 मई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर भारत में तेज हवाएं, पहाड़ों में बारिश:

जम्मू-कश्मीर में 20 से 22 मई तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 20 से 25 मई के बीच 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

किसानों और आम लोगों के लिए सावधानी जरूरी: मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। तेज बारिश, बिजली गिरने और आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। वहीं लू प्रभावित क्षेत्रों में दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी रहेगा।

FAQs:

1. दक्षिण-पश्चिम मानसून कब तक केरल पहुंच सकता है?

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है।

2. किन राज्यों में लू का सबसे ज्यादा असर रहेगा?

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और विदर्भ में भीषण लू का असर देखने को मिल सकता है।

3. किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है?

पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, ओडिशा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।

4. दिल्ली का तापमान कितना पहुंच सकता है?

दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

5. किसानों को मौसम को लेकर क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

किसानों को तेज बारिश, बिजली और आंधी के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए और फसलों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम करने चाहिए।

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