देश की प्रमुख प्याज उत्पादक मंडियों में नवंबर से दिसंबर के दौरान कीमतों में कोई तेज उछाल नहीं देखा गया। विशेष रूप से मध्यप्रदेश की मंडियों में प्याज की कीमतें अपेक्षाकृत कमजोर बनी रहीं, जिससे किसानों की आमदनी पर दबाव बना हुआ है। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं, होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर को सस्ते प्याज का लाभ मिल रहा है।
मध्यप्रदेश की प्रमुख मंडियों में नवंबर की तुलना में दिसंबर में कीमतों में कुछ सुधार जरूर हुआ, लेकिन यह बढ़ोतरी किसानों के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही।
हालांकि, इंदौर और मंदसौर में दिसंबर के दौरान आवक में भारी बढ़ोतरी रही, जिससे बाजार में आपूर्ति अधिक बनी रही और कीमतों पर दबाव बना रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, उत्पादन क्षेत्रों में कीमतें लागत के अनुपात में अभी भी कमजोर हैं।
| जिला | मंडी | फसल | किस्म | औसत (मॉडल) मूल्य (₹/क्विंटल) | आवक मात्रा (मीट्रिक टन) | माह |
| इंदौर | इंदौर एपीएमसी | प्याज | प्याज | 745 | 84,103 | नवंबर |
| भोपाल | भोपाल एपीएमसी | प्याज | प्याज | 550 | 3,355 | नवंबर |
| शाजापुर | शाजापुर एपीएमसी | प्याज | प्याज | 670 | 2,467 | नवंबर |
| मंदसौर | मंदसौर एपीएमसी | प्याज | प्याज | 450 | 3,330 | नवंबर |
| लखनऊ | लखनऊ एपीएमसी | प्याज | लाल प्याज | 1,315 | 4,040 | नवंबर |
| कानपुर | कानपुर (ग्रेन) एपीएमसी | प्याज | लाल प्याज | 1,110 | 4,435 | नवंबर |
| वाराणसी | वाराणसी (फल एवं सब्ज़ी) एपीएमसी | प्याज | लाल प्याज | 1,282 | 4,020 | नवंबर |
| दिल्ली | केशोपुर एपीएमसी | प्याज | प्याज | 1,303 | 1,675 | नवंबर |
| जयपुर | जयपुर (फल एवं सब्ज़ी) एपीएमसी | प्याज | अन्य | 967 | 1,895 | नवंबर |
| मुंबई | वाशी न्यू मुंबई एपीएमसी | प्याज | अन्य | 1,330 | 16,123 | नवंबर |
| जिला | मंडी | फसल | किस्म | औसत (मॉडल) मूल्य (₹/क्विंटल) | आवक मात्रा (मीट्रिक टन) | माह |
| इंदौर | इंदौर एपीएमसी | प्याज | प्याज | 1,600 | 1,01,141 | दिसंबर |
| भोपाल | भोपाल एपीएमसी | प्याज | प्याज | 750 | 2,374 | दिसंबर |
| शाजापुर | शाजापुर एपीएमसी | प्याज | प्याज | 980 | 1,780 | दिसंबर |
| मंदसौर | मंदसौर एपीएमसी | प्याज | प्याज | 815 | 11,021 | दिसंबर |
| लखनऊ | लखनऊ एपीएमसी | प्याज | लाल प्याज | 1,200 | 3,190 | दिसंबर |
| कानपुर | कानपुर (ग्रेन) एपीएमसी | प्याज | लाल प्याज | 1,088 | 41,450 | दिसंबर |
| वाराणसी | वाराणसी (फल एवं सब्ज़ी) एपीएमसी | प्याज | लाल प्याज | 1,263 | 5,884 | दिसंबर |
| दिल्ली | केशोपुर एपीएमसी | प्याज | प्याज | 1,640 | 1,603 | दिसंबर |
| जयपुर | जयपुर (फल एवं सब्ज़ी) एपीएमसी | प्याज | अन्य | 1,286 | 6,036 | दिसंबर |
| मुंबई | वाशी न्यू मुंबई एपीएमसी | प्याज | अन्य | 1,630 | 21,559 | दिसंबर |
उत्तर प्रदेश: मध्यप्रदेश से बेहतर स्थिति:
उत्तर प्रदेश की मंडियों में प्याज की कीमतें मध्यप्रदेश की तुलना में बेहतर और स्थिर बनी रहीं।
हालांकि यहां भी तेज तेजी नहीं दिखी, लेकिन भाव एक संतुलित स्तर पर टिके रहे, जिससे किसानों को कुछ हद तक राहत मिली।
दिल्ली, मुंबई और राजस्थान: शहरी बाजारों में मजबूती:
शहरी और उपभोग केंद्रों में प्याज की कीमतें अपेक्षाकृत मजबूत रहीं।
इन बाजारों में मांग स्थिर रहने से कीमतों को सहारा मिला।
किसानों को नुकसान, रसोई और होटल सेक्टर को फायदा, कुल मिलाकर, प्याज की कीमतों में तेज उछाल न आने से मध्यप्रदेश जैसे उत्पादक राज्यों के किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, घरेलू रसोई, होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर के लिए सस्ती कीमतें फायदेमंद साबित हो रही हैं। कम कीमतों से खाद्य लागत घटने के कारण उपभोक्ताओं और फूड इंडस्ट्री को राहत मिली है।
निष्कर्ष: प्याज बाजार की मौजूदा तस्वीर साफ संकेत देती है कि उत्पादन क्षेत्रों में कीमतें दबाव में हैं, जबकि उपभोग वाले शहरों में बाजार अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है। आने वाले महीनों में आवक और मांग का संतुलन ही यह तय करेगा कि किसानों को राहत मिलेगी या कीमतें और दबाव में जाएंगी।