इन दिनों फलों के शौकीनों और आम प्रेमियों के बीच भोपाल के जवाहर बाग में आयोजित आम महोत्सव का खास आकर्षण केंद्र बना हुआ है। करीब 50 एकड़ में फैले इस बगीचे में देश-विदेश की 152 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। स्वाद, रंग, आकार और विशेषताओं के आधार पर अलग-अलग वैरायटी के आम लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार प्रदर्शनी में शुगर-फ्री आमों ने भी लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है।
आम महोत्सव में सबसे अधिक चर्चा जापान की प्रसिद्ध मियाज़ाकी किस्म की हो रही है। गहरे लाल रंग और बेहतरीन स्वाद के लिए मशहूर इस आम को दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। प्रदर्शनी में इसकी कीमत करीब 1,000 रुपये प्रति किलो रखी गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात कही जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार मियाज़ाकी आम सामान्य किस्मों की तुलना में अधिक मीठा, रसदार और सुगंधित होता है। सीमित उत्पादन और प्रीमियम गुणवत्ता के कारण इसे "रेड डायमंड मैंगो" के नाम से भी जाना जाता है। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में लोग इस दुर्लभ आम के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आए।
देश की प्रसिद्ध नूरजहां किस्म भी इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। अपने बड़े आकार और गाढ़ी मिठास के लिए मशहूर नूरजहां को अक्सर "आमों की रानी" कहा जाता है। प्रदर्शनी में इसकी कीमत लगभग 200 रुपये प्रति किलो रखी गई है। उत्पादकों का कहना है कि इसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है और यही वजह है कि यह प्रीमियम ग्राहकों की पसंदीदा किस्मों में शामिल है। कई बार एक नूरजहां आम का वजन 2 से 3 किलोग्राम तक पहुंच जाता है, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ जाती है।
महोत्सव में प्रदर्शित "नवाब वाला आम" भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्वाद और बनावट के कारण यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी कीमत करीब 30 रुपये प्रति पीस रखी गई है। वहीं सुंदरजहां आम अपनी आकर्षक बनावट, खूबसूरत रंग और मनमोहक खुशबू के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। प्रदर्शनी में आने वाले लोग इसकी सुंदरता और मिठास की जमकर सराहना कर रहे हैं।
इस बार महोत्सव में शुगर-फ्री आम भी खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आयोजकों के अनुसार यह वैरायटी विशेष रूप से उन लोगों को आकर्षित कर रही है जो स्वास्थ्य के प्रति सजग हैं या मधुमेह जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन किस्मों में सामान्य आमों की तुलना में प्राकृतिक शर्करा का स्तर अपेक्षाकृत कम होता है, जबकि स्वाद संतुलित और सुखद बना रहता है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इनके बारे में जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।
150 से अधिक किस्मों से रूबरू हो रहे लोग:
आम के बाग की देखरेख कर रहे हबीब खान के अनुसार इस वर्ष महोत्सव में 150 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें अमेरिका की पीटर इंग्लैंड किस्म भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। उन्होंने बताया कि पीटर इंग्लैंड, सुंदरजहां, नूरजहां और अल्फांसो जैसी कुछ किस्मों में अपेक्षाकृत कम शुगर पाई जाती है, इसलिए इन्हें मधुमेह रोगी भी पसंद करते हैं। इसके अलावा जाफरान, चौसा और लंगड़ा आम की मांग भी काफी अधिक देखी जा रही है।
किसानों और उपभोक्ताओं के लिए लाभदायक हैं ऐसे आयोजन:
फल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के महोत्सव लोगों को विभिन्न किस्मों की जानकारी देने के साथ-साथ किसानों को अपनी विशेष उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराते हैं। भारत में आम केवल एक फल नहीं, बल्कि स्वाद, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। मियाज़ाकी, नूरजहां, सुंदरजहां और अन्य दुर्लभ किस्मों की बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि लोग अब आम की नई और अनूठी वैरायटी के प्रति भी तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। यही कारण है कि भोपाल का यह आम महोत्सव आम प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव बनता जा रहा है।
FAQs:
1. भोपाल आम महोत्सव में कितनी किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं?
भोपाल आम महोत्सव में 150 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं।
2. मियाज़ाकी आम क्यों प्रसिद्ध है?
मियाज़ाकी आम अपने गहरे लाल रंग, शानदार स्वाद और प्रीमियम गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है।
3. नूरजहां आम की खासियत क्या है?
नूरजहां आम अपने बड़े आकार और गाढ़ी मिठास के लिए जाना जाता है। इसका वजन 2 से 3 किलोग्राम तक हो सकता है।
4. क्या शुगर-फ्री आम वास्तव में उपलब्ध हैं?
कुछ आम की किस्मों में प्राकृतिक शर्करा का स्तर अपेक्षाकृत कम होता है, जिन्हें आमतौर पर शुगर-फ्री आम के रूप में प्रचारित किया जाता है।
5. भोपाल आम महोत्सव किसानों के लिए कैसे लाभदायक है?
यह आयोजन किसानों को अपनी विशेष किस्मों के आम प्रदर्शित करने और बेहतर बाजार प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।