• होम
  • MP News: एमपी बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी, जानिए क्या ह...

MP News: एमपी बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी, जानिए क्या है सरकार का मास्टरप्लान

एमपी बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी
एमपी बनेगा 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी

मध्यप्रदेश विकास की नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य ने आगामी 25 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय को वर्तमान लगभग 1.55 लाख रुपये से बढ़ाकर 22.50 लाख रुपये तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। साथ ही प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिपत्र तैयार किया गया है।

औद्योगिक विकास में MSME की अहम भूमिका:

कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित अभ्युदय इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 में वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल केटकर से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग रीढ़ की तरह काम कर रहे हैं। राज्य सरकार 18 नई औद्योगिक नीतियों के माध्यम से बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों में भी उद्योग स्थापित कराने पर जोर दे रही है। कटनी और शहडोल में खनन क्षेत्र, नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा में विद्युत उपकरण उद्योग तथा पर्यटन क्षेत्र में निवेश के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।

युवाओं को जॉब क्रिएटर बनाने का लक्ष्य:

सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। इसके लिए स्वरोजगार योजनाओं और स्टार्टअप प्रोत्साहन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। धार्मिक पर्यटन और होम-स्टे मॉडल से ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर बने हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में बेरोज़गारी दर घटकर लगभग 1–1.5 प्रतिशत रह गई है।

कृषक कल्याण वर्ष में कृषि और पशुपालन पर फोकस:

राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादन के साथ फूड प्रोसेसिंग और पशुपालन को प्राथमिकता दी है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। सिंचाई क्षेत्र में पिछले डेढ़ वर्ष में 7.5 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है और इसे 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने की योजना है। नर्मदा नदी का जल क्षिप्रा नदी तक पहुँचने से मालवा क्षेत्र के किसानों को विशेष लाभ मिला है।

नवीकरणीय ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर:

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर पहुँच चुका है। मुरैना में उत्तर प्रदेश के साथ संयुक्त सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही है, जिससे दोनों राज्यों को छह-छह महीने बिजली मिलेगी। गांधी सागर बांध (जिला मंदसौर) में पंप स्टोरेज परियोजना भी तेज़ी से विकसित की गई है। किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बजट और शहरी विकास की रणनीति:

सरकार ने पाँच वर्षों में राज्य का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। आगामी बजट को समग्र विकास का रोडमैप बताया गया है। इंदौर और भोपाल में मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं ताकि औद्योगीकरण और शहरीकरण साथ-साथ आगे बढ़ सकें।

युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान: नई शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद राज्य में कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में आईटी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं ताकि युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों के उपयोग में दक्ष बन सकें।

FAQs:

1. मध्यप्रदेश का 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था लक्ष्य क्या है?
यह दीर्घकालिक योजना है जिसमें औद्योगिक विकास, कृषि सुधार और नवीकरणीय ऊर्जा को आधार बनाया गया है।

2. MSME की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
MSME सेक्टर छोटे और मध्यम उद्योगों के माध्यम से रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ाता है।

3. कृषक कल्याण वर्ष में क्या फोकस है?
कृषि उत्पादन, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग और सिंचाई विस्तार।

4. नवीकरणीय ऊर्जा में राज्य की स्थिति क्या है?
प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है और सौर ऊर्जा परियोजनाएँ तेजी से विकसित हो रही हैं।

5. युवाओं के लिए क्या योजनाएँ हैं?
स्टार्टअप प्रोत्साहन, स्वरोजगार योजनाएँ और कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को जॉब क्रिएटर बना रहे हैं।

khetivyapar.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण जानकारी WhatsApp चैनल से जुड़ें