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लाड़ली बहना योजना पर ₹23,882 करोड़ का प्रावधान: महिलाओं को मिलेगा निरंतर आर्थिक सहारा

लाड़ली बहना योजना
लाड़ली बहना योजना

मध्य प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के बजट में लाड़ली बहना योजना को विशेष प्राथमिकता देते हुए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह कदम राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बजट दस्तावेज़ में इस योजना को महिला कल्याण की सबसे प्रभावशाली पहलों में शामिल किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भी इसका संचालन पूरी मजबूती से जारी रहेगा।

1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित

प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़ी हुई हैं। इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरण इस योजना की लोकप्रियता और भरोसे को दर्शाता है। सरकार का कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है और परिवार में उनकी निर्णय क्षमता भी मजबूत हुई है।

मासिक सहायता बढ़कर ₹1,500
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता सीधे खाते में भेजी जाती है। शुरुआत में राशि 1,000 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर पहले 1,250 रुपये और अब 1,500 रुपये कर दिया गया है। बढ़ती महंगाई के बीच यह अतिरिक्त सहायता घरेलू खर्च संभालने में मददगार साबित हो रही है।

बजट प्रावधान से भुगतान रहेगा सुचारु
वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए तय बजटीय राशि का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाभार्थियों को मिलने वाली किस्तों में किसी तरह की देरी या बाधा न आए। यह राशि राज्य के सामाजिक क्षेत्र व्यय का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे योजना की निरंतरता बनी रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा का आधार दिया है।

आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
सरकार के अनुसार योजना का लक्ष्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। सीधे बैंक खाते में राशि हस्तांतरित होने से पारदर्शिता बनी रहती है और लाभ बिना किसी मध्यस्थ के पात्र महिला तक पहुंचता है। इस व्यवस्था ने डिजिटल भुगतान प्रणाली को भी बढ़ावा दिया है।

अब तक जारी हो चुकी हैं 33 किस्तें
योजना शुरू होने के बाद अब तक 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। औसतन प्रत्येक लाभार्थी महिला को लगभग 38,000 से 42,000 रुपये तक की कुल राशि मिल चुकी है (किस्तों के आधार पर)। राज्य की लाखों महिलाओं के खातों में अब तक हजारों करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं, जिससे यह प्रदेश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ आधारित योजनाओं में शामिल हो गई है।

आगे भी जारी रहेगा लाभ, बढ़ोतरी की उम्मीद
बजट में किए गए प्रावधान से यह स्पष्ट है कि लाभार्थी महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता बिना रुकावट मिलती रहेगी। साथ ही, भविष्य में सहायता राशि बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। कुल मिलाकर यह योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य की प्रमुख पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है।
 

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