उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अभी भी बनी हुई हैं। अगले पांच दिनों में दोनों राज्यों के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का दायरा अपेक्षाकृत अधिक व्यापक रहने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। कई जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का खतरा भी बना हुआ है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर को अनेक स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 7 और 8 सितंबर को भी अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है। 9 सितंबर को बारिश का दायरा घटकर कुछ स्थानों तक रह सकता है, जबकि 10 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। कुल मिलाकर, 6 से 8 सितंबर के बीच पूर्वी यूपी में बारिश अधिक व्यापक रह सकती है और इसके बाद गतिविधि में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर को अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 सितंबर को कुछ स्थानों और 8 सितंबर से 10 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं। इससे संकेत मिलता है कि पश्चिमी यूपी में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम और अधिक स्थानीय हो सकती हैं। हालांकि गरज-चमक और आकाशीय बिजली जैसी मौसमी गतिविधियों से सावधानी जरूरी होगी।
मध्य प्रदेश में भी अगले पांच दिनों तक कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है, जबकि कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादा व्यापक बारिश:
पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले दिनों में बारिश का प्रभाव अधिक व्यापक रहने की संभावना है। रीवा, सीधी, शहडोल, उमरिया, मंडला, बालाघाट और सिवनी जैसे जिलों में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। सीधी में 6 सितंबर के आसपास कई स्थानों पर बारिश के साथ भारी बारिश की चेतावनी है। आगे भी बारिश की गतिविधि बनी रह सकती है। रीवा में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है और कुछ दिनों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मंडला और बालाघाट में 6 से 8 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर और 9-10 सितंबर के दौरान अनेक स्थानों पर बारिश का दायरा बढ़ सकता है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी भी है।
पश्चिमी और उत्तरी मध्य प्रदेश में छिटपुट बारिश:
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश अपेक्षाकृत कम व्यापक रहने का अनुमान है। उज्जैन, मंदसौर और नीमच जैसे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश कुछ या कहीं-कहीं स्थानों पर हो सकती है। वहीं ग्वालियर, शिवपुरी और दतिया में भी बारिश का दायरा शुरुआती दिनों के बाद घटकर अलग-अलग स्थानों तक सीमित हो सकता है।
मानसून की मौजूदा स्थिति:
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है, लेकिन बारिश का वितरण क्षेत्रवार अलग-अलग है। पूर्वी यूपी और पूर्वी MP में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक व्यापक रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में बारिश धीरे-धीरे छिटपुट हो सकती है। अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता में उतार-चढ़ाव के बावजूद गरज-चमक, बिजली और स्थानीय स्तर पर तेज बारिश का खतरा बना रहेगा। किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।
FAQs:
1. उत्तर प्रदेश में अगले दिनों बारिश कहां ज्यादा होगी?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का दायरा अपेक्षाकृत अधिक व्यापक रहने की संभावना है।
2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश कब कम होगी?
7 सितंबर के बाद पश्चिमी यूपी में बारिश का दायरा धीरे-धीरे कम होकर कुछ स्थानों तक सीमित हो सकता है।
3. मध्य प्रदेश में किन जिलों में ज्यादा बारिश हो सकती है?
रीवा, सीधी, शहडोल, उमरिया, मंडला, बालाघाट और सिवनी सहित पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का प्रभाव अधिक रह सकता है।
4. क्या बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी?
हां, कई क्षेत्रों में गरज-चमक और बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है।
5. आकाशीय बिजली के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और पानी वाले स्थानों से दूर रहना चाहिए।