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वर्ष 2025 में ग्रामीण विकास योजनाओं की बड़ी उपलब्धियां: ग्रामीण भारत में बदलाव की मजबूत बुनियाद

गांव की सरकारी योजनाएं
गांव की सरकारी योजनाएं

वर्ष 2025 के दौरान ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं ने ग्रामीण भारत की तस्वीर को नई दिशा दी है। आधारभूत ढांचे के विस्तार, आजीविका के अवसरों, आवास सुविधा, रोज़गार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा को सशक्त बनाकर गांवों में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर किया गया है। सड़क, आवास और रोजगार से जुड़ी प्रमुख योजनाओं ने समावेशी विकास को ज़मीनी स्तर पर मजबूती दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY): 

दिसंबर 2000 में शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश की ग्रामीण आबादी को मुख्यधारा से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। वर्ष 2025 के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 1,720 सड़क परियोजनाएं पूरी की गईं। इसके अंतर्गत 8,693.54 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया, जिससे दूरदराज और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंच आसान हुई।

इसके साथ ही 481 पुलों का निर्माण पूर्ण हुआ, जिससे नदियों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में बारहमासी संपर्क सुनिश्चित हो सका। इस अवधि में सड़कों और पुलों पर ₹8,548.26 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया गया। वहीं, ग्रामीण सड़कों के रखरखाव पर राज्यों द्वारा ₹811 करोड़ खर्च किए गए, जिससे परिसंपत्तियों की दीर्घकालिक उपयोगिता बनी रही।

प्रदर्शन की बात करें तो तमिलनाडु 536 सड़कों और 1,736.25 किलोमीटर नेटवर्क विस्तार के साथ अग्रणी राज्य रहा। हिमाचल प्रदेश ने पर्वतीय परिस्थितियों में 1,103.77 किलोमीटर सड़क निर्माण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। बिहार में सर्वाधिक 173 पुलों का निर्माण हुआ, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ हुई। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। सीमावर्ती और पर्वतीय राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में लक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं, पीएमजीएसवाई चरण-IV के तहत उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर के लिए अब तक 5,436 किलोमीटर सड़क लंबाई स्वीकृत की जा चुकी है।

दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन:

जून 2011 में शुरू किया गया DAY-NRLM ग्रामीण गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। इस योजना का उद्देश्य गरीबों की मजबूत सामुदायिक संस्थाओं का निर्माण कर उन्हें लाभकारी स्वरोज़गार और कुशल मजदूरी आधारित रोजगार से जोड़ना है। यह मिशन सामाजिक संगठन, वित्तीय समावेशन, सतत आजीविका संवर्धन और सामाजिक विकास जैसे चार प्रमुख स्तंभों पर कार्य करता है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय और जीवन स्तर में स्थायी सुधार हो सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G): 

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार ने वर्ष 2029 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 4.95 करोड़ पक्के आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। मार्च 2024 तक 2.95 करोड़ आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित था। बढ़ती आवास जरूरतों को देखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अगस्त 2024 में योजना के विस्तार को मंजूरी दी, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 के बीच 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण आवासों का निर्माण किया जाएगा।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना:

25 सितंबर 2014 को पुनर्गठित की गई डीडीयू-जीकेवाई ग्रामीण गरीब युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर स्थायी रोजगार से जोड़ने पर केंद्रित है। यह योजना राज्य-आधारित और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर लागू की जा रही है। कार्यक्रम में न्यूनतम 70 प्रतिशत नियोजन अनिवार्य है, जिसमें वेतन रोजगार और स्वरोजगार दोनों शामिल हैं।

FAQs:

Q1. ग्रामीण विकास योजनाएं 2025 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, रोजगार और जीवन स्तर में सुधार करना।

Q2. PMGSY से ग्रामीणों को क्या लाभ मिला?
बेहतर सड़क और पुल निर्माण से बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य तक आसान पहुंच।

Q3. DAY-NRLM किसके लिए है?
ग्रामीण गरीब परिवारों को आजीविका और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए।

Q4. PMAY-G में कितने घर बनाए जाएंगे?
2029 तक कुल 4.95 करोड़ पक्के ग्रामीण आवास।

Q5. DDU-GKY युवाओं को कैसे लाभ देती है?
कौशल प्रशिक्षण देकर वेतन या स्वरोजगार के अवसर प्रदान करती है।

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