पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रमों के बीच, भारत सरकार ने खरीफ 2026 सीजन से पहले किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है। Khetivyapar के अनुसार, उर्वरक विभाग ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर प्रभावी खरीद नीति लागू की है, जिससे आपूर्ति संबंधी अस्थिरताओं से किसानों की रक्षा हो सके।
सरकार ने प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ईपीएमसी (Empowered Pool Management Committee) के माध्यम से वैश्विक निविदा प्रक्रिया पूरी की है। इसके तहत 7.31 एमएमएससीएमडी अतिरिक्त गैस की व्यवस्था की गई है। इससे यूरिया संयंत्रों को मिलने वाली कुल गैस आपूर्ति 32 एमएमएससीएमडी से बढ़कर 39.31 एमएमएससीएमडी हो गई, जो लगभग 23% की वृद्धि दर्शाती है। इस कदम से देश में यूरिया उत्पादन 54,500 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 67,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन होने का अनुमान है। संयंत्रों की गैस आवश्यकता की पूर्ति भी 62% से बढ़कर 76% तक पहुंच गई है।
Khetivyapar की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की सक्रिय नीति का परिणाम यह है कि वर्तमान में उर्वरकों का भंडार पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर स्थिति में है। 19 मार्च 2026 तक यूरिया का कुल स्टॉक 61.14 लाख मीट्रिक टन है, जबकि पिछले वर्ष यह 55.22 लाख मीट्रिक टन था।
विशेष रूप से डीएपी (DAP) का भंडार दोगुने से अधिक बढ़कर 24.24 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इसके अलावा एनपीके (NPK) का स्टॉक 57.21 लाख मीट्रिक टन, एसएसपी (SSP) 24.80 लाख मीट्रिक टन और एमओपी (MOP) 12.65 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया है। यह स्थिति किसानों के लिए खरीफ सीजन 2026 में उर्वरक उपलब्धता की गारंटी देती है।
|
उर्वरक (Product) |
19 मार्च 2026 का स्टॉक (LMT) |
19 मार्च 2025 का स्टॉक (LMT) |
|
यूरिया (Urea) |
61.14 |
55.22 |
|
डीएपी (DAP) |
24.24 |
11.85 |
|
एनपीके (NPKs) |
57.21 |
34.44 |
|
एसएसपी (SSP) |
24.80 |
23.15 |
|
एमओपी (MOP) |
12.65 |
14.13 |
सरकार का लक्ष्य है कि मार्च के अंत तक अधिकांश उर्वरक देश के विभिन्न गोदामों में उपलब्ध हो जाएं, ताकि खरीफ सीजन की बुवाई के दौरान किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
उर्वरकों की समय पर उपलब्धता से किसानों को बुवाई और फसल उत्पादन में आसानी होगी। सरकार के इन प्रयासों से न केवल कृषि उत्पादन में स्थिरता आएगी, बल्कि किसानों की लागत भी नियंत्रित रहेगी और उन्हें बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
Khetivyapar के अनुसार, सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
FAQs:
Q1. यूरिया उत्पादन में गैस आपूर्ति बढ़ने से क्या असर पड़ा है?
A1. गैस आपूर्ति बढ़ने से यूरिया उत्पादन लगभग 54,500 से 67,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक बढ़ गया है।
Q2. DAP और NPK स्टॉक कितने हैं?
A2. DAP का स्टॉक 24.24 लाख मीट्रिक टन और NPK का स्टॉक 57.21 लाख मीट्रिक टन है।
Q3. SSP और MOP स्टॉक की स्थिति क्या है?
A3. SSP 24.80 लाख मीट्रिक टन और MOP 12.65 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध हैं।
Q4. सरकार ने गैस की अतिरिक्त आपूर्ति कैसे सुनिश्चित की?
A4. EPMC के माध्यम से वैश्विक निविदा प्रक्रिया पूरी करके 7.31 एमएमएससीएमडी अतिरिक्त गैस उपलब्ध कराई गई।
Q5. Khetivyapar का इस रिपोर्ट में योगदान क्या है?
A5. Khetivyapar किसानों को उर्वरक उपलब्धता, स्टॉक और उत्पादन संबंधी सही और ताजा जानकारी प्रदान करता है।