केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) बढ़ाकर ₹365 प्रति क्विंटल कर दिया है। यह नया रेट 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी दर पर लागू होगा। पिछले सीजन में किसानों को ₹355 प्रति क्विंटल का एफआरपी मिल रहा था, यानी इस बार किसानों को ₹10 प्रति क्विंटल अधिक मूल्य मिलेगा। यह फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। सरकार के अनुसार नया FRP कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर तय किया गया है। इससे देशभर के लाखों गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने साफ किया है कि यदि गन्ने की रिकवरी दर 10.25 प्रतिशत से अधिक रहती है, तो किसानों को हर 0.1 प्रतिशत अतिरिक्त रिकवरी पर ₹3.56 प्रति क्विंटल की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इससे अच्छी गुणवत्ता वाले गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
सरकार का कहना है कि नया FRP उत्पादन लागत का लगभग 200 प्रतिशत से अधिक है, जिससे किसानों को लागत की तुलना में बेहतर लाभ मिलेगा। अनुमान है कि इस फैसले से किसानों को कुल मिलाकर ₹1 लाख करोड़ से अधिक का भुगतान किया जाएगा।
हालांकि केंद्र सरकार FRP तय करती है, लेकिन कई राज्य अपने स्तर पर इससे अधिक राज्य सलाहकारी मूल्य (SAP) घोषित करते हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में किसानों को आमतौर पर ज्यादा कीमत मिलती है।
उत्तर प्रदेश: ₹370 से ₹400 प्रति क्विंटल:
राज्य सरकारें समय-समय पर अपने रेट तय करती हैं, इसलिए अंतिम कीमतों में बदलाव संभव है।
किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद:
एफआरपी बढ़ने से किसानों को गन्ने की फसल पर अधिक आय मिलने की संभावना है। बढ़ती खाद, डीजल, मजदूरी और सिंचाई लागत के बीच यह फैसला किसानों के लिए राहतभरा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि चीनी मिलें समय पर भुगतान करें, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सकती है।
चीनी मिलों के लिए सख्त निर्देश:
सरकार ने स्पष्ट किया है कि चीनी मिलों को किसानों से FRP या उससे अधिक मूल्य पर ही गन्ना खरीदना होगा। इससे किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी मिलेगी और बेहतर रिकवरी वाले गन्ने पर अतिरिक्त भुगतान का लाभ भी मिलेगा।
कपास किसानों के लिए भी बड़ा कदम:
गन्ना किसानों के साथ-साथ केंद्र सरकार ने कपास क्षेत्र के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ₹5,659 करोड़ के “कपास उत्पादकता मिशन” को मंजूरी दी है, जिससे लगभग 32 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। यह मिशन 2026 से 2031 तक लागू रहेगा और इसके तहत बेहतर बीज, नई तकनीक, शोध और निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा: विशेषज्ञों का मानना है कि गन्ने के FRP में वृद्धि से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और ग्रामीण बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि चीनी मिलें भुगतान कितनी जल्दी करती हैं और राज्य सरकारें SAP दरों पर क्या फैसला लेती हैं।
FAQs:
1. 2026-27 के लिए गन्ने का नया FRP कितना है?
केंद्र सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है।
2. किसानों को पिछले साल से कितना ज्यादा रेट मिलेगा?
पिछले सीजन में FRP ₹355 था, इसलिए इस बार किसानों को ₹10 प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेगा।
3. रिकवरी ज्यादा होने पर किसानों को क्या फायदा मिलेगा?
10.25% से अधिक रिकवरी होने पर हर 0.1% अतिरिक्त रिकवरी पर ₹3.56 प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान मिलेगा।
4. क्या सभी राज्यों में गन्ने का एक ही रेट मिलेगा?
नहीं, कई राज्य SAP रेट घोषित करते हैं जो FRP से अधिक हो सकता है।
5. उत्तर प्रदेश में गन्ने का संभावित रेट कितना हो सकता है?
उत्तर प्रदेश में किसानों को ₹370 से ₹400 प्रति क्विंटल तक गन्ना मूल्य मिलने की संभावना है।