मध्य प्रदेश में इस सीजन गेहूँ उपार्जन ने रफ्तार पकड़ ली है और अब तक बड़ी उपलब्धि दर्ज की जा चुकी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक 8.12 लाख किसानों से 44.16 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है।
किसानों को सुविधा देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। तौल पर्ची बनाने का समय अब शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया गया है, जबकि भुगतान संबंधी देयक जारी करने की समय-सीमा रात 12 बजे तक निर्धारित की गई है। गेहूँ उपार्जन सप्ताह में 6 दिन, सोमवार से शनिवार तक लगातार किया जा रहा है।
अब तक 14.78 लाख किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए हैं। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपार्जन की अंतिम तिथि को 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दिया गया है। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश पहले अपनी उपज नहीं बेच पाए थे।
सरकार ने उपार्जन केन्द्रों पर व्यवस्थाओं को और मजबूत किया है। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है और जरूरत पड़ने पर जिलों को इसे और बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है। इसके साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता बढ़ाकर ऑनलाइन प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाया गया है। खाद्य विभाग द्वारा हर घंटे स्लॉट बुकिंग और खरीदी की निगरानी की जा रही है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे।
अब तक किसानों को कुल ₹7383.01 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
पूरी तैयारी के साथ हो रही खरीदी: किसानों की उपज का समय पर तौल सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें बारदाना, तौल कांटे, हम्माल-तुलावटी, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण शामिल हैं। साथ ही अनाज की सफाई के लिए पंखे और छन्ने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
समर्थन मूल्य और बोनस का लाभ: प्रदेश में गेहूँ की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल पर की जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है, जिससे किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिल रहा है।
भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था: उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जूट बारदाने के साथ-साथ PP और HDPE बैग का उपयोग किया जा रहा है, जिससे अनाज को सुरक्षित रखा जा सके।
FAQs:
Q1. मध्य प्रदेश में गेहूँ उपार्जन कब तक चलेगा?
Ans: गेहूँ उपार्जन की अंतिम तिथि 23 मई 2026 तक बढ़ा दी गई है।
Q2. किसानों को गेहूँ का कितना भाव मिल रहा है?
Ans: किसानों को MSP 2585 रुपये + 40 रुपये बोनस, कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है।
Q3. स्लॉट बुकिंग क्यों जरूरी है?
Ans: स्लॉट बुकिंग से किसानों को तय समय पर उपार्जन केन्द्र पर सुविधा मिलती है और भीड़ कम होती है।
Q4. भुगतान कब तक किया जाता है?
Ans: भुगतान से जुड़े देयक रात 12 बजे तक जारी किए जाते हैं और राशि सीधे खाते में भेजी जाती है।
Q5. उपार्जन केन्द्रों पर क्या सुविधाएं मिलती हैं?
Ans: वहां तौल कांटे, पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था और गुणवत्ता जांच उपकरण उपलब्ध हैं।