कपास क्षेत्र को नई ऊर्जा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹5,659.22 करोड़ के “कपास उत्पादकता मिशन” को मंजूरी दी है। यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने पर केंद्रित है, बल्कि किसानों की आय, गुणवत्ता और पूरे वस्त्र उद्योग को मजबूती देने की दिशा में अहम साबित होगी।
देश में कपास की खेती बड़े क्षेत्र में होती है और यह लाखों किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। इसके बावजूद यह क्षेत्र कम उत्पादकता, वर्षा पर निर्भरता, पिंक बॉलवर्म जैसे कीटों का प्रकोप, जलवायु परिवर्तन, मृदा क्षरण और गुणवत्तापूर्ण बीजों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। नई योजना इन चुनौतियों का वैज्ञानिक और संगठित तरीके से समाधान करने पर केंद्रित है, ताकि उत्पादन में वृद्धि के साथ गुणवत्ता भी बेहतर हो सके।
मिशन के तहत अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें लगभग ₹555 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अंतर्गत उच्च उपज देने वाली, जलवायु-प्रतिरोधी और कीट-रोधी 24 नई कपास किस्मों और हाइब्रिड्स का विकास किया जाएगा। साथ ही बेहतर रेशा गुणवत्ता, एक्स्ट्रा लॉन्ग स्टेपल और देसी कपास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कृषि विभाग द्वारा ₹3,804 करोड़ की लागत से आधुनिक खेती तकनीकों का विस्तार किया जाएगा। इसमें हाई डेंसिटी प्लांटिंग, कम अंतराल रोपण, एकीकृत फसल प्रबंधन और उन्नत किस्मों के प्रदर्शन के जरिए किसानों को नई तकनीक से जोड़ा जाएगा।
कपास का 2031 तक उत्पादन में बड़ा उछाल:
इस मिशन के पहले चरण में 14 राज्यों के 140 जिलों में करीब 24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा, जिससे लगभग 32 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2031 तक कपास की उत्पादकता को 440 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 755 किलोग्राम तक पहुंचाया जाए और कुल उत्पादन को 498 लाख गांठ तक ले जाया जाए।
5F विजन से उद्योग को मिलेगा बल:
यह मिशन ‘फार्म से फॉरेन’ यानी 5F विजन (Farm, Fiber, Factory, Fashion, Foreign) को मजबूत करेगा। इससे किसानों से लेकर वस्त्र उद्योग और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन को लाभ मिलेगा।
SCO सहयोग से सुरक्षित होगा कृषि व्यापार: इसके साथ ही SCO देशों के साथ कृषि उत्पादों के सुरक्षित व्यापार, प्लांट क्वारंटीन और फाइटोसैनिटरी सहयोग को भी मंजूरी दी गई है। इससे खाद्य सुरक्षा, कीट नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी।
FAQs:
1. कपास उत्पादकता मिशन क्या है?
यह केंद्र सरकार की योजना है जिसका उद्देश्य कपास उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाना है।
2. इस मिशन का बजट कितना है?
इस योजना के लिए ₹5,659.22 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
3. किसानों को क्या फायदा होगा?
किसानों की आय बढ़ेगी, उत्पादन सुधरेगा और नई तकनीक मिलेगी।
4. कितने किसानों को लाभ मिलेगा?
करीब 32 लाख किसानों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।
5. 2031 तक क्या लक्ष्य है?
कपास उत्पादकता को 755 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाना लक्ष्य है।