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FarmerChat ऐप: फोटो से फसल रोग पहचान और खेती की सलाह

AI खेती ऐप
AI खेती ऐप

देश के किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन बदलता मौसम, कीट-रोग और सही समय पर जानकारी न मिल पाना खेती को चुनौतीपूर्ण बना देता है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए डिजिटल ग्रीन और सिस्को इंडिया ने मिलकर किसानों के लिए एक नई AI-आधारित पहल की शुरुआत की है। इस पहल के तहत FarmerChat नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसे आंध्र प्रदेश सरकार का भी सहयोग प्राप्त है।

क्या है FarmerChat ऐप?

FarmerChat एक स्मार्ट मोबाइल ऐप है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किसानों को फसल प्रबंधन, कीट-रोग पहचान और मौसम के अनुसार खेती से जुड़ी सटीक सलाह देता है। किसान इस ऐप पर अपनी फसल की फोटो अपलोड कर सकते हैं, जिसके आधार पर ऐप फसल में आई समस्या की पहचान करता है और उसके समाधान सुझाता है। यह ऐप कई भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों के किसान इसे आसानी से समझ सकें।

किसानों को कैसे होगा फायदा?

FarmerChat किसानों को यह जानकारी देता है कि फसल की बुवाई, सिंचाई और कीट नियंत्रण कब और कैसे किया जाए। यदि फसल में कोई बीमारी दिखाई दे, तो किसान फोटो डालकर तुरंत सलाह पा सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अनावश्यक खर्च भी कम होगा और पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

50 हजार किसानों तक पहुंचेगी योजना:

इस योजना का लक्ष्य कुल 50,000 किसानों तक पहुंचना है। इनमें से 25,000 किसानों को सीधे FarmerChat ऐप से जोड़ा जाएगा, जबकि शेष 25,000 किसानों तक डिजिटल माध्यमों से कृषि जानकारी पहुंचाई जाएगी। खास बात यह है कि इस पहल में लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं किसान शामिल होंगी।
यह योजना आंध्र प्रदेश के आठ जिलों गुंटूर, पालनाडु, कुरनूल, अनंतपुर सहित अन्य क्षेत्रों में शुरू की गई है।

सरकारी कर्मचारी देंगे प्रशिक्षण:

किसानों को ऐप से जोड़ने और प्रशिक्षण देने के लिए सरकार के 300 से अधिक कर्मचारी और कृषि विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें बागवानी, रेशम विभाग के अधिकारी और पांच किसान उत्पादक संगठन (FPO) के सदस्य शामिल हैं। ये टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को ऐप का उपयोग सिखाएंगी।

योजना की शुरुआत कहां हुई?

इस पहल की शुरुआत गुंटूर के पास चुट्टागुंटा क्षेत्र से हुई। इसे बागवानी और रेशम विभाग के निदेशक के. श्रीनिवासुलु ने लॉन्च किया। उनके अनुसार, FarmerChat से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार आएगा।

किसानों की भाषा में सलाह: FarmerChat की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जटिल तकनीकी जानकारी को किसानों की सरल भाषा में समझाता है। सिस्को इंडिया के अधिकारी हरिश कृष्णन के अनुसार, यह ऐप बड़े और जटिल आंकड़ों को आसान और भरोसेमंद सुझावों में बदल देता है।

खेती का स्मार्ट साथी: सरल शब्दों में कहें तो FarmerChat किसानों के लिए एक स्मार्ट दोस्त की तरह है, जो जरूरत पड़ने पर सही सलाह देता है। यह पहल किसानों को नई तकनीक से जोड़कर खेती को आसान, सुरक्षित और अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रही है।

FAQs:

Q1. FarmerChat ऐप किसने लॉन्च किया है?
डिजिटल ग्रीन और सिस्को इंडिया ने मिलकर, आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से।

Q2. FarmerChat ऐप का मुख्य उद्देश्य क्या है?
किसानों को फसल, कीट-रोग और मौसम से जुड़ी सही सलाह देना।

Q3. क्या किसान फसल की फोटो अपलोड कर सकते हैं?
हां, फोटो के आधार पर ऐप समस्या पहचानकर समाधान बताता है।

Q4. FarmerChat ऐप किन भाषाओं में उपलब्ध है?
यह ऐप कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।

Q5. FarmerChat ऐप से किसानों को क्या लाभ होगा?
कम लागत, समय की बचत और बेहतर उत्पादन।

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