दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। 5 जून 2026 तक मानसून की उत्तरी सीमा कर्नाटक, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के विभिन्न क्षेत्रों से गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में मानसून पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के अतिरिक्त क्षेत्रों, तमिलनाडु के शेष भागों तथा पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और कुछ क्षेत्रों में लू की स्थिति बनने की संभावना है।
असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 10 जून के दौरान व्यापक वर्षा गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इन राज्यों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 से 9 जून के बीच अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि, जलभराव और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 7 जून के दौरान अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 5 से 10 जून तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में भी वर्षा गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला हुआ रहेगा। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 जून को गरज-चमक के साथ बारिश तथा 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में 5 और 6 जून को तेज हवाओं और बारिश का प्रभाव देखने को मिलेगा। विदर्भ क्षेत्र में भी 8 जून तक बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात में मानसून का असर बढ़ेगा:
कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र-कच्छ और गुजरात के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कोंकण-गोवा में 5 से 10 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना है, जबकि मध्य महाराष्ट्र में भी कई जिलों में जोरदार वर्षा दर्ज की जा सकती है। गोवा में मानसून की पूर्ण एंट्री के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बताई जा रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में वर्षा गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी:
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 6 से 10 जून के बीच अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। बिहार में भी 6 जून तक तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि का अनुमान है। देश के अधिकांश अन्य हिस्सों में 10 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।
पूर्वी भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर:
ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और बिहार में आगामी दिनों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ओडिशा में 5 जून को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 10 जून के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव बना रहेगा।
उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी, बारिश और ओला की चेतावनी:
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में आज का मौसम, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 5 जून को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
बिहार और उत्तर प्रदेश में लू का खतरा:
बिहार में 6 से 8 जून के बीच लू चलने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जून तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 जून के दौरान हीटवेव की स्थिति बन सकती है। ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह:
भारी बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए किसानों को फसलों, कृषि यंत्रों और भंडारित उपज की सुरक्षा के उचित इंतजाम करने चाहिए। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और आवश्यक सावधानी बरतें।
FAQs:
1. मानसून वर्तमान में किन राज्यों तक पहुंच चुका है?
मानसून कर्नाटक, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है।
2. किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है।
3. क्या उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना है?
हां, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
4. किसानों को मौसम को लेकर क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
किसानों को फसलों, कृषि यंत्रों और भंडारित उपज को सुरक्षित रखना चाहिए तथा मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
5. मानसून अगले कुछ दिनों में किन क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है?
मानसून गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक के अतिरिक्त क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में आगे बढ़ सकता है।