• होम
  • चने की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख कीट: लक्षण और प्रभ...

चने की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख कीट: लक्षण और प्रभावी बचाव उपाय

चने के प्रमुख कीट और बचाव
चने के प्रमुख कीट और बचाव

रबी मौसम की प्रमुख दलहनी फसल चना देश के लाखों किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद में खेतों में कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन बदलते मौसम और कीटों के बढ़ते प्रकोप के कारण चने की फसल लगातार जोखिम में बनी रहती है। विशेष रूप से फली छेदक, दीमक और कटुआ जैसे कीट चने की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। यदि समय रहते इन कीटों की पहचान और उचित नियंत्रण नहीं किया गया, तो किसानों को 30 से 60 प्रतिशत तक उपज हानि झेलनी पड़ सकती है।

आइए जानते हैं चने की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले इन प्रमुख कीटों के लक्षण और उनसे बचाव के प्रभावी उपाय।

फली छेदक कीट: चने की फसल का सबसे बड़ा दुश्मन:

फली छेदक कीट को चने का सबसे खतरनाक कीट माना जाता है। इसका वयस्क रूप पतंगा होता है, जबकि इसकी इल्ली फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाती है। प्रारंभिक अवस्था में यह कीट कोमल तनों और पत्तियों को खाता है। बाद में फूल और फलियां आने पर यह फलियों में छेद कर अंदर के दानों को नुकसान पहुंचाता है। फली छेदक के प्रकोप से चने की पैदावार में 30 से 40 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति होती है।

फली छेदक से बचाव के उपाय:

  1. एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) अपनाएं
  2. खेत में फेरोमोन ट्रैप लगाकर नर कीटों को नियंत्रित करें
  3. नीम आधारित कीटनाशक और जैविक नियंत्रण जैसे एनपीबी (NPB) का उपयोग करें
  4. मित्र कीटों को संरक्षण दें और फसल चक्र अपनाएं
  5. अधिक प्रकोप की स्थिति में इंडोसल्फान 35 EC, क्विनालफॉस 20 EC, क्लोरोपाइरीफॉस 20 EC या प्रोफेनोफॉस 50 EC का अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें

चने की फसल में दीमक का गंभीर खतरा:

दीमक चने की फसल को बुवाई से लेकर कटाई तक नुकसान पहुंचाने वाला खतरनाक कीट है। यह विशेष रूप से शुष्क और कम नमी वाले क्षेत्रों में अधिक सक्रिय रहता है। दीमक से प्रभावित पौधे धीरे-धीरे पीले पड़कर मुरझा जाते हैं और अंततः सूख जाते हैं। यह कीट जड़ों और तनों को अंदर से खोखला कर देता है।
दीमक के कारण चने की उपज में 30 से 60 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई है।

दीमक से बचाव के उपाय:

  1. खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद का प्रयोग करें
  2. जैविक नियंत्रण के लिए विवेरिया वैसियाना फफूंद को गोबर में मिलाकर प्रयोग करें
  3. अधिक प्रकोप की स्थिति में इंडोसल्फान 35 EC या क्लोरोपाइरीफॉस 20 EC को सिंचाई के पानी या बालू में मिलाकर खेत में डालें

कटुआ कीट: फसल की शुरुआती अवस्था में सबसे अधिक नुकसान:

कटुआ कीट चने की फसल की प्रारंभिक अवस्था में भारी नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण छोटे पौधे जमीन की सतह से कट जाते हैं, जिससे पौध संख्या कम हो जाती है। यह कीट रात में सक्रिय रहता है और दिन के समय मिट्टी या खरपतवार के नीचे छिपा रहता है। कटुआ के प्रकोप से पौधों का विकास रुक जाता है और फलियां सही तरह से विकसित नहीं हो पातीं।

कटुआ कीट से बचाव के उपाय:

  1. खेत की मेड़ों पर सूरजमुखी जैसी आकर्षक फसल लगाएं
  2. सूखी घास के छोटे ढेर बनाकर सुबह उन्हें इकट्ठा कर नष्ट करें
  3. लाइट ट्रैप लगाकर वयस्क कीटों को नियंत्रित करें
  4. नीम तेल और जैविक कीटनाशकों का नियमित उपयोग करें

समय पर कीट नियंत्रण से पाएं चने की बेहतर पैदावार: फली छेदक, दीमक और कटुआ - ये तीनों कीट चने की फसल के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। समय पर पहचान, नियमित निगरानी और सही नियंत्रण उपाय अपनाकर किसान इन कीटों से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं और चने की बेहतर व लाभकारी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।

FAQs:

Q1. चने की फसल में सबसे खतरनाक कीट कौन सा है?
फली छेदक कीट चने की फसल का सबसे खतरनाक कीट माना जाता है।

Q2. फली छेदक से कितनी उपज हानि होती है?
इससे 30 से 40 प्रतिशत तक उपज नुकसान हो सकता है।

Q3. दीमक का प्रकोप किस स्थिति में ज्यादा होता है?
सूखी और कम नमी वाली मिट्टी में दीमक का प्रकोप अधिक होता है।

Q4. कटुआ कीट फसल को कब नुकसान पहुंचाता है?
कटुआ कीट फसल की शुरुआती अवस्था में अधिक नुकसान करता है।

Q5. चने की फसल में कीट नियंत्रण का सही तरीका क्या है?
IPM, जैविक उपाय और जरूरत पड़ने पर अनुशंसित कीटनाशकों का उपयोग सबसे प्रभावी तरीका है।

लेटेस्ट
khetivyapar.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण जानकारी WhatsApp चैनल से जुड़ें