दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में सक्रिय हो रहा है, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी से राहत मिलने के संकेत हैं, क्योंकि तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में मई के अंतिम दिनों और जून की शुरुआत में देशभर में मौसम का बदला हुआ रूप जनजीवन और खेती-किसानी दोनों पर व्यापक असर डाल सकता है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 30 मई को गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश में 31 मई को मौसम बदल सकता है और कई स्थानों पर बारिश दर्ज की जा सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में 30 मई को 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 2 जून तक धूलभरी आंधी का खतरा बना रहेगा।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 30 मई से मौसम का मिजाज बदल सकता है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 31 मई और 1 जून को भारी बारिश हो सकती है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बिहार में आज का मौसम, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा। 30 मई को ओडिशा में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। बिहार और झारखंड में भी तेज आंधी और गरज-चमक की संभावना है। ओडिशा, बिहार तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 30 और 31 मई को 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
गुजरात और पश्चिम भारत में भी बदलेगा मौसम:
गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में मई के अंतिम दिनों से मौसम सक्रिय हो सकता है। गुजरात क्षेत्र में 31 मई से 2 जून के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि गुजरात में 4 जून तक तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
FAQs:
1. देश में मौसम का मिजाज क्यों बदल रहा है?
दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण देशभर में मौसम का मिजाज बदल रहा है।
2. किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
केरल, ओडिशा, बिहार, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कुछ अन्य राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
3. क्या उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है?
हाँ, मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
4. किसानों को खराब मौसम के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
किसानों को फसल कटाई, सिंचाई और दवा छिड़काव जैसे कार्य मौसम पूर्वानुमान देखकर करने चाहिए तथा फसलों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से बचाने के उपाय करने चाहिए।
5. Khetivyapar किसानों के लिए क्या जानकारी प्रदान करता है?
Khetivyapar किसानों को मौसम अपडेट, मंडी भाव, कृषि योजनाओं और खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराता है।