दिल्ली–एनसीआर में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण का स्तर तेज़ी से बढ़ने लगा है। कम तापमान, धीमी हवाएं और धूल–धुएं का जमाव प्रदूषण को बढ़ाने के बड़े कारण बन रहे हैं। बुधवार को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और पश्चिमी यूपी के कई शहरों की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को एनसीआर के अधिकांश प्रमुख शहरों की वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक रही। CPCB के अनुसार नोएडा – 350 (बेहद खराब), गाजियाबाद – 329, दिल्ली – 327, ग्रेटर नोएडा – 322, मुज़फ़्फ़रनगर – 322, मेरठ – 306 AQI दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है, प्रदूषक ज़मीन के करीब फंस जाते हैं, जिससे एयर क्वालिटी तेजी से गिरती है। पिछले कुछ दिनों से हवा की गति बेहद कम रही है, जिसने हालात को और खराब कर दिया है।
देशभर के टॉप पॉल्यूटेड शहरों में हापुड़ सबसे आगे रहा, जहां AQI 366 दर्ज किया गया। इसके अलावा मानेसर – 331, रोहतक – 325, विशाखापट्टनम – 310, बागपत – 309, भुवनेश्वर – 308, कटक – 308 रहे। यह साफ़ दिखाता है कि वायु प्रदूषण की समस्या केवल दिल्ली–एनसीआर तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुँच चुकी है।
देश की 10 प्रमुख राजधानियों में एयर क्वालिटी इस प्रकार दर्ज की गई:
सर्दियों में AQI क्यों बढ़ता है?
मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि नवंबर–दिसंबर में न्यूनतम तापमान तेजी से गिरता है और हवा भारी हो जाती है, जिससे धूल–धुआं वातावरण में ही फंस जाता है। यही कारण है कि विंटर प्रदूषण हर साल बड़े स्तर पर बढ़ता है।
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