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गेहूं उपार्जन में तेजी लाने पर जोर, 17 लाख क्विंटल से अधिक खरीद और किसानों को ₹236 करोड़ का भुगतान

गेहूं खरीदी 2026
गेहूं खरीदी 2026

जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने अधिकारियों को खरीदी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला उपार्जन समिति की बैठक में गेहूं खरीदी, परिवहन, भंडारण और बारदानों की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसानों के बैठने, पेयजल, तौल और उपज के सुरक्षित भंडारण जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। बैठक में नोडल अधिकारी उपार्जन एवं संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन सहित जिला उपार्जन समिति से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

गेहूं खरीदी में तेजी, लाखों क्विंटल उपार्जन पूरा:

जिले में इस वर्ष गेहूं खरीदी का काम तेज गति से जारी है। अब तक 25 हजार 604 किसानों से 17 लाख 23 हजार 690 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए जिले के 50 हजार 788 किसानों ने पंजीयन कराया था। प्रशासन द्वारा जिले में 70 खरीदी केंद्रों के माध्यम से उपार्जन कार्य संचालित किया जा रहा है।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपार्जित गेहूं के स्वीकृति पत्र जल्द जारी किए जाएं, ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो। प्रशासन ने अभी तक किसानों को 236 करोड़ 67 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया है। अधिकारियों को भुगतान प्रक्रिया और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

खरीदी केंद्रों का होगा आकस्मिक निरीक्षण:

बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को खरीदी केंद्रों का अचानक निरीक्षण करने, स्टॉक का सत्यापन करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था मजबूत रहनी चाहिए। यदि किसी केंद्र के गोदाम जल्दी भरने की स्थिति में हों, तो वहां वैकल्पिक भंडारण व्यवस्था पहले से तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है, ताकि खरीदी प्रक्रिया प्रभावित न हो। 

किसानों की सुविधा पर प्रशासन का फोकस:

प्रशासन का कहना है कि खरीदी केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। खरीदी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की शिकायतों का मौके पर समाधान किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर खरीदी और भुगतान से किसानों को आर्थिक राहत मिलती है और आगामी फसलों की तैयारी में भी मदद मिलती है। जिले में तेज गति से चल रही गेहूं खरीदी किसानों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।

FAQs:

Q1. जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी कितने केंद्रों पर हो रही है?
A1. जिले में 70 खरीदी केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीदी की जा रही है।

Q2. अब तक कितने किसानों से गेहूं खरीदा गया है?
A2. अब तक 25,604 किसानों से गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है।

Q3. किसानों को कितना भुगतान किया गया है?
A3. प्रशासन द्वारा 236 करोड़ 67 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

Q4. खरीदी प्रक्रिया की निगरानी कैसे की जा रही है?
A4. कलेक्टर द्वारा नियमित निरीक्षण और आकस्मिक जांच के निर्देश दिए गए हैं।

Q5. किसानों को क्या सुविधा दी जा रही है?
A5. किसानों के लिए बैठने, पानी, तौल और भंडारण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

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