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Kharif Crops MSP 2026-27: किसानों को बड़ा तोहफा, 14 खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी

खरीफ फसलों का MSP 2026-27
खरीफ फसलों का MSP 2026-27

सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर और लाभकारी मूल्य दिलाना है, ताकि खेती को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाया जा सके।

इस बार सबसे अधिक MSP वृद्धि सूरजमुखी बीज पर की गई है, जिसमें 622 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा कपास, नाइजरसीड और तिल के MSP में भी उल्लेखनीय इजाफा किया गया है। सरकार ने यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और दलहन-तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने की रणनीति के तहत लिया है।

खरीफ फसलों का नया MSP 2026-27: New MSP for Kharif Crops 2026-27:

फसल

MSP 2026-27 (₹/क्विंटल)

पिछले वर्ष MSP

वृद्धि (₹)

लागत पर लाभ (%)

धान (सामान्य)

2441

2369

72

50%

धान ग्रेड-A

2461

2389

72

-

ज्वार (हाइब्रिड)

4023

3699

324

50%

ज्वार मालदंडी

4073

3749

324

-

बाजरा

2900

2775

125

56%

रागी

5205

4886

319

50%

मक्का

2410

2400

10

56%

अरहर / तूर

8450

8000

450

54%

मूंग

8780

8768

12

61%

उड़द

8200

7800

400

51%

मूंगफली

7517

7263

254

50%

सूरजमुखी बीज

8343

7721

622

50%

सोयाबीन (पीली)

5708

5328

380

50%

तिल

10346

9846

500

50%

नाइजरसीड

10052

9537

515

50%

कपास (मध्यम रेशा)

8267

7710

557

50%

कपास (लंबा रेशा)

8667

8110

557

-

किन फसलों में किसानों को सबसे अधिक फायदा?

सरकार के अनुसार उत्पादन लागत के मुकाबले किसानों को सबसे अधिक लाभ मूंग की खेती में मिलेगा, जहां अनुमानित लाभ 61 प्रतिशत रहेगा। इसके बाद बाजरा और मक्का में 56 प्रतिशत तथा अरहर में 54 प्रतिशत लाभ मिलने की संभावना है। बाकी अधिकांश फसलों में किसानों को लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने का दावा किया गया है।

तिलहन और दलहन उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर:

पिछले कुछ वर्षों से सरकार धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ दलहन, तिलहन और मोटे अनाज यानी श्री अन्न की खेती को बढ़ावा दे रही है। इसी रणनीति के तहत सूरजमुखी, तिल, नाइजरसीड और सोयाबीन जैसी फसलों के MSP में अच्छी बढ़ोतरी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों का रुझान तेलहन और पोषक अनाज की खेती की ओर बढ़ सकता है, जिससे देश में खाद्य तेल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

MSP भुगतान और खरीद में रिकॉर्ड बढ़ोतरी:

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2014-15 से 2025-26 के बीच धान की खरीद 8418 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 4590 लाख मीट्रिक टन थी। वहीं 14 खरीफ फसलों की कुल खरीद 8746 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई, जो पहले के दशक में 4679 लाख मीट्रिक टन थी। इसी अवधि में किसानों को MSP के रूप में मिलने वाली राशि में भी बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। धान उत्पादकों को 2014-15 से 2025-26 के दौरान लगभग 16.08 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि इससे पहले के 10 वर्षों में यह राशि 4.44 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं 14 खरीफ फसलों के किसानों को MSP के तहत कुल 18.99 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पिछले दशक की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है।

खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में बड़ा कदम: विशेषज्ञों के मुताबिक MSP में यह बढ़ोतरी खरीफ सीजन की बुवाई से पहले किसानों के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे किसानों को फसल चयन में मदद मिलेगी और उत्पादन बढ़ाने के लिए आर्थिक भरोसा भी मिलेगा। खासतौर पर तिलहन, दलहन और मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलने से कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को मजबूती मिल सकती है।

FAQs:

1. खरीफ फसलों का नया MSP 2026-27 कब लागू होगा?

नया MSP खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए लागू किया जाएगा।

2. इस बार सबसे ज्यादा MSP किस फसल का बढ़ा है?

सूरजमुखी बीज का MSP सबसे ज्यादा 622 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है।

3. धान का नया MSP कितना तय किया गया है?

धान (सामान्य) का MSP 2441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।

4. किसानों को सबसे ज्यादा लाभ किस फसल में मिलेगा?

सरकार के अनुसार मूंग की खेती में किसानों को लगभग 61 प्रतिशत लाभ मिलने की संभावना है।

5. MSP बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती को लाभकारी बनाना और दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना है।

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