मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" के रूप में समर्पित करते हुए किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में व्यापक अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव-2026 के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ जिले के किसानों से ऑनलाइन संवाद कर आधुनिक कृषि, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, पशुपालन और कृषि प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार 3 लाख रुपये तक का कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा किसानों को केवल 5 रुपये में कृषि बिजली कनेक्शन देने की सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 40 लाख रुपये तक की डेयरी परियोजना पर 33 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत मिलेगा।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत झाबुआ में 50 कृषि सखियों का चयन किया गया है। जिले में 3,125 एकड़ में प्राकृतिक खेती हो रही है और किसानों की फसलों का प्रमाणीकरण भी किया जा रहा है, जिससे जैविक उत्पादों को बेहतर बाजार और किसानों को अधिक आय मिलने की उम्मीद है।
एक जिला-एक उत्पाद (ODOP)' योजना के तहत झाबुआ के प्रसिद्ध कड़कनाथ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की पहल तेज हो गई है। वर्ष 2025 में 1,000 से अधिक नए हितग्राही कड़कनाथ पालन से जुड़े, जिससे किसानों की आय और ग्रामीण रोजगार दोनों को बढ़ावा मिला है।
राज्य सरकार डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन और अन्य पशुधन आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि झाबुआ जिले में 760 से अधिक तालाब विकसित किए गए हैं, जिनमें लगभग 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मत्स्य पालन किया जा रहा है। इससे किसानों को आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
कपास उत्पादन में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी:
खरीफ 2026 में झाबुआ जिले में अब तक 23,230 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष के 19,888 हेक्टेयर की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि धार जिले के बदनावर में विकसित हो रहे पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क से झाबुआ के कपास उत्पादकों को "खेत से कारखाने" तक बेहतर बाजार और मूल्य संवर्धन की सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
टमाटर बन रहा है प्रोसेसिंग का नया केंद्र:
जिले में लगभग 2,812 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती की जा रही है, जिससे करीब 1.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। पेटलावद में स्थापित टमाटर प्रसंस्करण इकाई के माध्यम से टमाटर सॉस, केचप और अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा 12 सोलर ड्रायर यूनिट स्थापित कर टमाटर का डिहाइड्रेशन भी किया जा रहा है। झाबुआ का टमाटर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में भेजा जा रहा है।
13 नवंबर तक पूरे प्रदेश में होंगे कार्यक्रम:
राज्य सरकार ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, कृषि अभियांत्रिकी, एमएसएमई, ऊर्जा, राजस्व सहित 16 विभागों को एक मंच पर लाकर किसानों के समग्र विकास का अभियान शुरू किया है। बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, विपणन, कृषि उद्यमिता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का व्यापक अभियान है। यह महोत्सव 13 नवंबर 2026 तक प्रदेश के सभी 55 जिलों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आयोजित किया जाएगा।
महोत्सव के छह प्रमुख कृषि संकल्प:
FAQs:
1. बलराम कृषि महोत्सव 2026 क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार का कृषि अभियान है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सरकारी योजनाओं और कृषि उद्यमिता से जोड़ना है।
2. किसानों को शून्य ब्याज कृषि ऋण कितना मिलेगा?
पात्र किसानों को 3 लाख रुपये तक का कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
3. डेयरी परियोजना पर कितना अनुदान मिलेगा?
सरकार 40 लाख रुपये तक की डेयरी परियोजना पर 33 प्रतिशत अनुदान दे रही है।
4. झाबुआ में प्राकृतिक खेती कितने क्षेत्र में हो रही है?
झाबुआ जिले में लगभग 3,125 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की जा रही है।
5. बलराम कृषि महोत्सव 2026 कब तक चलेगा?
यह महोत्सव 13 नवंबर 2026 तक मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में आयोजित किया जाएगा।