Weather today: देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय होने जा रहा है और आगामी दिनों में कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अनेक राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी की आपूर्ति और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र (North Atlantic) की अनुकूल महासागरीय एवं वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मानसून की सक्रियता बनी हुई है, जिससे मध्य और उत्तर भारत में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है।
आईएमडी के अनुसार हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 27 जुलाई से 1 अगस्त तक व्यापक वर्षा की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 28 से 31 जुलाई के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई से 1 अगस्त तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 29 जुलाई से 1 अगस्त तक व्यापक बारिश होने के आसार हैं।
ओडिशा में 27 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा तथा 28 जुलाई को भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान। गंगीय पश्चिम बंगाल में 27 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। बिहार और झारखंड में भी कई जिलों में भारी बारिश का दौर बना रहेगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा विदर्भ में 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 28-29 जुलाई और 1 अगस्त को भारी वर्षा का अनुमान है, जबकि 30 और 31 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 27 जुलाई तथा 29 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके अलावा 27 जुलाई को राज्य के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की भी संभावना है। वहीं विदर्भ में 27 से 30 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में लगातार सक्रिय रहेगा मानसून:
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह बारिश जारी रहने की संभावना है। असम-मेघालय और नागालैंड-त्रिपुरा क्षेत्र में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।
टमाटर और प्याज की कीमतों पर पड़ सकता है असर:
लगातार भारी बारिश का असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सब्जी बाजार पर भी दिखाई दे सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश से टमाटर की फसल में फल फटना, सड़न और झुलसा रोग बढ़ सकता है। खेतों में जलभराव होने से टमाटर की तुड़ाई और मंडियों तक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे प्रमुख उत्पादक राज्यों से आवक घटने पर टमाटर की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं प्याज की खरीफ फसल में भी अधिक नमी और जलभराव से पौधों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है। यदि बारिश लंबी अवधि तक जारी रहती है तो नई फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। साथ ही परिवहन बाधित होने से मंडियों में प्याज की आपूर्ति अस्थायी रूप से कम हो सकती है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, कीमतों पर वास्तविक प्रभाव वर्षा की अवधि, क्षेत्रवार नुकसान और मंडियों में आवक की स्थिति पर निर्भर करेगा।
FAQs:
Q1. 27 जुलाई से 1 अगस्त तक किन राज्यों में भारी बारिश की संभावना है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
Q2. IMD Rain Alert क्यों जारी किया गया है?
उत्तर: बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण मानसून सक्रिय है, जिससे कई राज्यों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
Q3. क्या भारी बारिश से टमाटर की कीमत बढ़ सकती है?
उत्तर: हां, लगातार बारिश से टमाटर की फसल और आपूर्ति प्रभावित होने पर कीमतों में तेजी आ सकती है।
Q4. क्या प्याज की फसल पर भी असर पड़ेगा?
उत्तर: अधिक नमी और जलभराव से खरीफ प्याज की फसल प्रभावित हो सकती है, जिससे भविष्य में मंडियों में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Q5. किसानों को भारी बारिश के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
उत्तर: खेतों से जल निकासी की व्यवस्था करें, फसल में जलभराव न होने दें, मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यकता अनुसार कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें।