देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में इसके और अधिक क्षेत्रों को कवर करने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अगले 4 से 5 दिनों के दौरान मानसून की सक्रियता बढ़ेगी, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। वहीं उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है।
राहत की बात यह है कि फिलहाल एल नीनो की मजबूत स्थिति विकसित होने के संकेत नहीं हैं, जिससे इस वर्ष मानसून की रफ्तार पर किसी बड़े नकारात्मक प्रभाव की संभावना कम दिखाई दे रही है।
18 से 24 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में आज का मौसम, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। राजस्थान में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। यहां कुछ स्थानों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी की भी आशंका जताई गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में आगामी दिनों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 जून तक हीटवेव जैसी परिस्थितियां बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत में अधिकतम तापमान 19 जून तक 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिसके बाद तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा।
पूर्वी भारत में मानसून गतिविधियां मजबूत होने लगी हैं। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 18 से 24 जून के बीच गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। बिहार में 18 से 20 जून के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है, जबकि ओडिशा में 19 जून को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई दिनों तक लगातार वर्षा के साथ कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। झारखंड, बिहार और ओडिशा में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं।
एल नीनो अपडेट: फिलहाल मानसून के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं:
वैश्विक मौसम संकेतकों के अनुसार वर्तमान में प्रशांत महासागर में एल नीनो की मजबूत स्थिति विकसित नहीं हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में तटस्थ (Neutral) परिस्थितियां बनी रह सकती हैं, जिससे भारतीय मानसून की प्रगति पर फिलहाल कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, आने वाले महीनों में समुद्री तापमान में बदलाव की लगातार निगरानी की जा रही है, क्योंकि एल नीनो की सक्रियता बढ़ने पर वर्षा वितरण प्रभावित हो सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा का सिलसिला जारी:
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले एक सप्ताह तक व्यापक वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। असम और मेघालय के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ सकता है।
दक्षिण भारत में मानसूनी बारिश होगी तेज:
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। केरल, तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का खतरा भी बना रहेगा।
महाराष्ट्र और गुजरात में मौसम का बदलेगा मिजाज:
कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र में फिलहाल तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन 19 जून के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज होने का अनुमान है।
हीटवेव से अभी राहत नहीं: मानसून की प्रगति के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रभाव जारी रहेगा। बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक लू जैसी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं। लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
FAQs:
Q1. भारत में मानसून किन राज्यों में सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा?
उत्तर: तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
Q2. क्या बिहार में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है?
उत्तर: हां, बिहार में 18 से 20 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
Q3. क्या एल नीनो इस साल मानसून को प्रभावित करेगा?
उत्तर: फिलहाल एल नीनो की मजबूत स्थिति विकसित नहीं हुई है, इसलिए बड़ा असर नहीं दिख रहा।
Q4. किन राज्यों में तेज हवाएं चल सकती हैं?
उत्तर: राजस्थान, बिहार, झारखंड और ओडिशा में 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं।
Q5. किसानों के लिए यह Monsoon Update क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: अच्छी मानसूनी बारिश खरीफ फसलों की बुवाई, सिंचाई और उत्पादन के लिए बेहद लाभकारी होती है।