राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में इस वर्ष 263वां स्थापना दिवस बेहद खास अंदाज़ में मनाया जाएगा। जिले में ‘पंच गौरव अभियान’ के अंतर्गत 18 और 19 जनवरी 2026 को दशहरा मैदान में अमरूद महोत्सव एवं उन्नत कृषि तकनीकी मेला आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य जिले की कृषि पहचान को नई ऊंचाई देना, किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करना है। जिला प्रशासन के अनुसार, यह दो दिवसीय महोत्सव कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा। आयोजन में सवाई माधोपुर सहित आसपास के जिलों से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक किसानों के पहुंचने की संभावना है।
जिला कलेक्टर काना राम ने बताया कि सवाई माधोपुर में अमरूद की खेती अब केवल परंपरागत कृषि तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक सशक्त व्यावसायिक मॉडल के रूप में उभर चुकी है। वर्तमान में जिले के लगभग 20 हजार किसान, करीब 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। इससे प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख मीट्रिक टन अमरूद का उत्पादन हो रहा है, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 6 अरब रुपये है। लगातार बढ़ती मांग और बेहतर बाजार कीमतों के कारण अमरूद की खेती किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत साधन बन रही है। इसी संभावना को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से अमरूद महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
दशहरा मैदान में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे। इन स्टॉल्स पर अमरूद की उन्नत किस्मों, उससे तैयार प्रसंस्कृत उत्पादों और उच्च गुणवत्ता वाले पौधों की प्रदर्शनी की जाएगी। साथ ही किसानों को स्मार्ट फार्मिंग मॉडल, हाईटेक बागवानी, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, आधुनिक कृषि उपकरणों और लाइव डेमो के माध्यम से नवीन तकनीकों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। इस दौरान उत्कृष्ट अमरूद उत्पादक किसानों को सम्मानित किया जाएगा और कृषि स्टार्टअप्स व वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद कर किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
महोत्सव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए आईसीएआर, कृषि विज्ञान केंद्र, एपीडा, सीआईपीएचईटी लुधियाना, सीआईएसएच लखनऊ और हिसार कृषि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। ये विशेषज्ञ किसानों को उन्नत तकनीक, प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।
सवाई माधोपुर स्थापना दिवस के अवसर पर 17 से 19 जनवरी तक तीन दिवसीय सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
किसानों और जिले के लिए सुनहरा अवसर: जिला प्रशासन का मानना है कि अमरूद महोत्सव किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के साथ-साथ सवाई माधोपुर की कृषि, संस्कृति और पर्यटन पहचान को भी नई मजबूती देगा। जिला कलेक्टर काना राम ने किसानों, जिलेवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस आयोजन में शामिल होकर जिले को नई पहचान दिलाने में सहभागी बनें।
FAQs:
Q1. अमरूद महोत्सव 2026 कब और कहां आयोजित होगा?
18 और 19 जनवरी 2026 को दशहरा मैदान, सवाई माधोपुर में।
Q2. अमरूद महोत्सव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना और अमरूद की खेती को लाभकारी बनाना।
Q3. इस मेले में किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
नई तकनीक, उन्नत किस्में, विशेषज्ञों से सीधा संवाद और मार्केटिंग जानकारी।
Q4. क्या राष्ट्रीय संस्थान भी इसमें भाग लेंगे?
हां, ICAR, APEDA, CISH जैसे प्रमुख संस्थान शामिल होंगे।
Q5. अमरूद की खेती सवाई माधोपुर में क्यों खास है?
यहां बड़े पैमाने पर उत्पादन, बेहतर बाजार मूल्य और किसानों की बढ़ती आय के कारण।