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Sugarcane farming: गन्ने की खेती से अब होगी छप्परफाड़ कमाई, अपनाएं यह जादुई तरीका

गन्ने की खेती में इंटरक्रॉपिंग
गन्ने की खेती में इंटरक्रॉपिंग

गन्ने की खेती भारत के लाखों किसानों के लिए आय का प्रमुख साधन रही है, लेकिन इसकी लंबी फसल अवधि और चीनी मिलों से भुगतान में देरी किसानों की सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। करीब 12 महीने तक खेत में खड़ी रहने वाली यह फसल धैर्य और पूंजी दोनों की परीक्षा लेती है। ऐसे में इंटरक्रॉपिंग एक ऐसा व्यावहारिक समाधान बनकर उभरी है, जिससे किसान 100 दिनों के भीतर नकद आमदनी हासिल कर सकते हैं।

इंटरक्रॉपिंग से बदलेगी गन्ने की खेती की तस्वीर:

कृषि विज्ञान केंद्र, पश्चिम चंपारण के अनुसार, यदि किसान फरवरी–मार्च में बोए जाने वाले बसंतकालीन गन्ना के साथ कम अवधि वाली फसलें लगाएं, तो उन्हें अतिरिक्त आय का मजबूत सहारा मिलता है। गन्ने की दो कतारों के बीच खाली जगह का सही उपयोग कर 3–4 महीने में ही लागत निकल जाती है। जहां सामान्य स्थिति में एक एकड़ गन्ने की खेती से 55–60 हजार रुपये का शुद्ध लाभ होता है, वहीं इंटरक्रॉपिंग अपनाने पर यह मुनाफा लगभग दोगुना तक पहुंच सकता है।

डबल मुनाफे का फॉर्मूला: कौन-सी फसल कितनी कमाई देगी:

विशेषज्ञों के मुताबिक, भुट्टे वाली मक्का से 3–4 महीने में लगभग 80 हजार रुपये प्रति एकड़ की अतिरिक्त कमाई संभव है। फ्रेंचबीन से 65 हजार रुपये तक, जबकि उड़द, मूंग या लोबिया से 35–40 हजार रुपये की आमदनी मिल सकती है। सब्जियां जैसे प्याज, लौकी, खीरा और भिंडी 40–45 हजार रुपये तक का अतिरिक्त लाभ देती हैं। वहीं फरो रेज बेड सिस्टम से गेहूं के साथ गन्ना उगाने पर 25–30 हजार रुपये का सुनिश्चित फायदा मिलता है।

गन्ने की बुवाई का ‘सुपर फॉर्मूला’:

सफल इंटरक्रॉपिंग के लिए सही तकनीक जरूरी है। वैज्ञानिक ट्रेंच मेथड और पिट मेथड अपनाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा एसटीपी (Sugarcane Transplanting Method) तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें कतारों के बीच 4–5 फीट की दूरी रखी जाती है, ताकि इंटरक्रॉप फसलों को पर्याप्त धूप और जगह मिल सके।

कमाई के साथ मिट्टी की सेहत भी बेहतर:

दलहनी फसलों के साथ इंटरक्रॉपिंग करने से मिट्टी में प्राकृतिक नाइट्रोजन जुड़ती है। इससे प्रति एकड़ 12–15 किलो नाइट्रोजन की बचत होती है और रासायनिक खाद पर खर्च कम होता है। यही वजह है कि अब गन्ने की खेती को घाटे का सौदा नहीं माना जा रहा। खेती से जुड़े ऐसे ही व्यावहारिक समाधान और बाजार से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए किसान भरोसा कर रहे हैं Khetivyapar पर, जहां खेती और व्यापार दोनों का सही मार्गदर्शन मिलता है।

FAQs:

Q1. गन्ने की खेती में इंटरक्रॉपिंग कब करनी चाहिए?
फरवरी–मार्च में बोए जाने वाले बसंतकालीन गन्ने के साथ इंटरक्रॉपिंग सबसे बेहतर रहती है।

Q2. इंटरक्रॉपिंग से कितने दिन में आमदनी शुरू हो जाती है?
लगभग 90–100 दिनों में नकद आमदनी मिलने लगती है।

Q3. कौन-सी फसल सबसे ज्यादा मुनाफा देती है?
भुट्टे वाली मक्का और सब्जियां सबसे ज्यादा अतिरिक्त कमाई देती हैं।

Q4. क्या इंटरक्रॉपिंग से गन्ने की पैदावार घटती है?
नहीं, सही दूरी और तकनीक अपनाने पर पैदावार प्रभावित नहीं होती।

Q5. गन्ने की खेती से जुड़ी सही जानकारी कहां मिलेगी?
Khetivyapar जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर किसानों को खेती और बाजार दोनों की उपयोगी जानकारी मिलती है।

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