देश के मध्य भाग में सक्रिय गहरे निम्न दबाव (Deep Depression) के कारण अगले 24 घंटे मौसम की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली फिलहाल मध्य छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय है और धीरे-धीरे पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ की ओर आगे बढ़ेगी। इसके प्रभाव से मध्य भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के अनुसार यह प्रणाली आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में परिवर्तित हो सकती है, लेकिन इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक व्यापक वर्षा का दौर जारी रहेगा।
30 जुलाई को पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 31 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 30 जुलाई से 2 अगस्त तक मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश तथा 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। किसानों और आम लोगों को खुले क्षेत्रों तथा जलभराव वाले स्थानों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ में 30 जुलाई तथा 2 से 4 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। उत्तर छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों में 30 जुलाई की सुबह तक 45 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
30 जुलाई से 4 अगस्त के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। इस अवधि में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में आज का मौसम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी राजस्थान के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
राजस्थान में भी बारिश तेज होने के संकेत:
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 30 जुलाई से 3 अगस्त तक कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होगी। कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून:
तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। 30 जुलाई को तेलंगाना में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। वहीं केरल, तटीय कर्नाटक तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।
समुद्र और तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी:
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के समीप 29 जुलाई की शाम तक 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। मछुआरों और छोटी नौकाओं को समुद्र में जाने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए विशेष सलाह:
FAQs:
1. Deep Depression Weather Alert क्या है?
यह एक गहरा निम्न दबाव (Deep Depression) है, जिसके कारण कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना बढ़ जाती है।
2. किन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश की संभावना है?
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और केरल में भारी से अति भारी बारिश का अनुमान है।
3. तेज हवाओं की रफ्तार कितनी रह सकती है?
कई राज्यों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे और कुछ स्थानों पर 65 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चल सकती हैं।
4. किसानों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
खेतों में जल निकासी रखें, सिंचाई रोकें, तैयार फसलों की सुरक्षा करें और बिजली गिरने के दौरान खुले खेतों में जाने से बचें।
5. Khetivyapar किसानों को क्या सलाह देता है?
Khetivyapar किसानों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने और मौसम के अनुसार खेती से जुड़े सभी कार्य करने की सलाह देता है।