बिहार में नारियल की खेती और पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए राज्य योजना के तहत नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 शुरू की गई है। इस योजना के तहत किसानों और अन्य इच्छुक लोगों को नारियल के पौधे अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। खास बात यह है कि योजना का लाभ राज्य के सभी 38 जिलों में दिया जाएगा।
योजना के तहत नारियल के एक पौधे की इकाई लागत ₹115 निर्धारित की गई है। इसमें ₹100 उत्पादन व्यय और ₹15 जिला परिवहन व्यय शामिल है। सरकार की ओर से इस लागत पर 75 प्रतिशत यानी ₹86.25 प्रति पौधा सहायतानुदान दिया जाएगा।
नारियल पौधा वितरण योजना के तहत एक पौधे की लागत ₹115 रखी गई है। लाभार्थी को इस पर 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
योजना के तहत एक लाभार्थी को कम से कम 5 पौधे और अधिकतम 712 पौधे अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रति हेक्टेयर 178 पौधे के आधार पर अधिकतम पौधों की संख्या तय की गई है।
जिलावार निर्धारित पौधों की उपलब्धता नारियल विकास बोर्ड, बिहार, पटना के माध्यम से सहायक निदेशक उद्यान को कराई जाएगी। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार लाभार्थियों के बीच पौधों का वितरण किया जाएगा।
घर, बाड़ी और खेत में लगा सकते हैं नारियल:
नारियल पौधा वितरण योजना का लाभ केवल पारंपरिक कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा गया है। इच्छुक किसान अपने घर के आसपास, जमीन, बाड़ी, किचेन गार्डन या खेत में नारियल के पौधे लगा सकते हैं।
इसके अलावा शहरी क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं, बशर्ते वे योजना के तहत निर्धारित भूमि संबंधी शर्तों को पूरा करते हों।
जमीन की रसीद देना जरूरी:
नारियल के पौधे अनुदानित दर पर प्राप्त करने के लिए भूमि-स्वामित्व या राजस्व रसीद के आधार पर वितरण किया जाएगा। योजना के लिए जमीन की राजस्व रसीद अनिवार्य रखी गई है।
यदि आवेदक का नाम भूमि-स्वामित्व या राजस्व रसीद में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, तो राजस्व रसीद के साथ वंशावली भी लगानी होगी।
पौधों की उपलब्धता कैसे होगी?
संबंधित जिले में नारियल पौधों की उपलब्धता सहायक निदेशक उद्यान के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए नारियल विकास बोर्ड, पटना की ओर से व्यवस्था की जाएगी।
पौधों की उपलब्धता कृषक अंश प्राप्त होने के बाद सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पौधों का वितरण किया जाएगा।
बिहार के सभी 38 जिलों में लागू होगी योजना:
राज्य सरकार की यह योजना बिहार के सभी 38 जिलों में लागू की जाएगी। योजना का उद्देश्य बिहार जैसे नारियल के अपरम्परागत क्षेत्र में नारियल के पौधों का रोपण कराना है।
नारियल यानी कोकोस न्युसीफेरा को दुनिया के सर्वाधिक उपयोगी पेड़ों में माना गया है। इसके विभिन्न हिस्से अलग-अलग रूपों में मानव उपयोग में आते हैं। इसी उपयोगिता को देखते हुए राज्य योजना के तहत नारियल पौधा वितरण कार्यक्रम तैयार किया गया है।
FAQs:
1. नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 क्या है?
यह बिहार सरकार की योजना है, जिसके तहत लोगों को नारियल के पौधे अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
2. एक नारियल पौधे पर कितना अनुदान मिलेगा?
₹115 की इकाई लागत पर सरकार की ओर से 75% यानी ₹86.25 प्रति पौधा सहायता दी जाएगी।
3. एक लाभार्थी को कितने पौधे मिल सकते हैं?
लाभार्थी को न्यूनतम 5 और अधिकतम 712 पौधे दिए जा सकते हैं।
4. क्या बिहार के सभी जिलों में योजना लागू है?
हां, नारियल पौधा वितरण योजना 2026-27 बिहार के सभी 38 जिलों में लागू की जाएगी।
5. आवेदन के लिए जमीन की रसीद जरूरी है?
हां, पौधे प्राप्त करने के लिए भूमि-स्वामित्व या राजस्व रसीद जरूरी है। नाम स्पष्ट नहीं होने पर वंशावली भी देनी पड़ सकती है।