बिहार में इस बार मानसून सक्रिय है, लेकिन औसत की तुलना में अब तक 27 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में अब तक 741 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि केवल 544 मिमी ही हुई है। हालात यह हैं कि सिर्फ 8 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज हुई, वहीं सीतामढ़ी जिले में सबसे कम 60 प्रतिशत बरसात दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने बिहार के 19 जिलों – पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार – में येलो अलर्ट जारी किया है।
आज उत्तर-पूर्व और उत्तर-मध्य बिहार में बारिश की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 34–36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26–28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 28 और 29 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने से कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ सकता है।
बिहार के साथ ही राजस्थान में भी मानसूनी बारिश लगातार परेशानी खड़ी कर रही है। मौसम विभाग ने 26 अगस्त को अलवर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झुंझुनूं, राजसमंद और बाड़मेर में भारी बारिश, जबकि जालोर, उदयपुर और सिरोही में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। उदयपुर में झीलों के गेट खोले गए। बारिश से उदयपुर की फतहसागर झील का जलस्तर तेजी से बढ़ने पर गेट खोल दिए गए। जैसलमेर के रामदेवरा में भारी बारिश से जलभराव हो गया, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई।
मौसम का पूर्वानुमान: मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, सिरसा, आगरा, सीधी, संभलपुर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। हालांकि पूर्वी हवाओं के कमजोर पड़ने के चलते राजस्थान में बारिश की गतिविधियां अगले कुछ दिनों में कम होने की संभावना है।
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