मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में 23 जून के आसपास मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे देश के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ रहा है। इससे इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। मानसून की प्रगति के साथ देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाएं और भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं कुछ इलाकों में तेज आंधी और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार महाराष्ट्र के कई हिस्सों में 23 जून के आसपास मानसून आगे बढ़ सकता है। तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार में अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भी 23 जून के आसपास मानसून पहुंच सकता है। पश्चिमी और मध्य भारत के कई इलाकों में जून के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
20 से 25 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में आज का मौसम, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। राजस्थान में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। यहां 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी की भी संभावना बनी हुई है। वहीं जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 20 से 25 जून के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वी भारत में मानसून की गतिविधियां मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। बिहार, झारखंड और ओडिशा में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। बिहार में 22 से 25 जून के बीच भारी बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा में 20 और 21 जून को भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड और ओडिशा के कुछ इलाकों में तेज आंधी के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का खतरा: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले छह दिनों तक व्यापक वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। असम और मेघालय के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है।
दक्षिण भारत में मानसूनी गतिविधियां तेज: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। केरल, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे समुद्री गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
महाराष्ट्र और गुजरात में बदलेगा मौसम: कोंकण, गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कोंकण और गोवा में 23 और 24 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। महाराष्ट्र में 20 जून के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
तापमान में आएगी गिरावट: पूर्वी भारत के कई राज्यों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। वहीं देश के अधिकांश हिस्सों में 25 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।
किसानों के लिए सलाह: जिन क्षेत्रों में मानसून पहुंचने वाला है, वहां किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी शुरू कर सकते हैं। वहीं जिन इलाकों में अभी बारिश नहीं पहुंची है, वहां नमी संरक्षण और सिंचाई प्रबंधन पर ध्यान देना आवश्यक है। तेज हवाओं और आंधी की संभावना वाले क्षेत्रों में फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है।
FAQs:
Q1. मानसून 2026 में महाराष्ट्र में कब पहुंचेगा?
A. महाराष्ट्र में 23 जून के आसपास मानसून सक्रिय होने की संभावना है।
Q2. किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है?
A. बिहार, झारखंड और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी जारी है।
Q3. क्या उत्तर भारत में आंधी आएगी?
A. हां, कुछ इलाकों में 50–70 किमी/घंटा की तेज आंधी संभव है।
Q4. किसानों को क्या सलाह दी गई है?
A. फसल सुरक्षा, जल प्रबंधन और खरीफ बुवाई की तैयारी की सलाह दी गई है।
Q5. क्या तापमान में बदलाव होगा?
A. हां, कई राज्यों में 2–4 डिग्री तक तापमान में गिरावट हो सकती है।