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5 वर्षों में कृषि विकास दर 4.4% रही, बागवानी उत्पादन 367.72 मिलियन टन तक पहुँचा

शिवराज सिंह चौहान कृषि विकास
शिवराज सिंह चौहान कृषि विकास

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सर्वेक्षण के आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कृषि और ग्रामीण विकास दोनों क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण देश के कृषि क्षेत्र की मजबूती और ग्रामीण भारत के परिवर्तन का महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।

कृषि क्षेत्र में स्थिर और निरंतर प्रगति:

श्री चौहान के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में कृषि एवं सहायक क्षेत्रों की औसत वार्षिक विकास दर (स्थिर मूल्यों पर) 4.4 प्रतिशत रही है, जो वैश्विक औसत से अधिक मानी जा रही है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2016 से 2025 के दौरान कृषि क्षेत्र की दशकीय वृद्धि दर 4.45 प्रतिशत रही, जो पिछले दशकों की तुलना में सबसे बेहतर प्रदर्शन है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भी कृषि क्षेत्र ने 3.5 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है, जो इस सेक्टर की स्थिरता और मजबूती को दर्शाता है।

रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन: 357.73 मिलियन टन:

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश का खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। इस वृद्धि का प्रमुख कारण चावल, गेहूं, मक्का और मोटे अनाज (श्री अन्न) की बेहतर पैदावार रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत न केवल खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, बल्कि कई फसलों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

बागवानी क्षेत्र बना कृषि विकास की नई ताकत:

उन्होंने बताया कि कृषि सकल मूल्य वर्धन (GVA) में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बागवानी क्षेत्र कृषि विकास का सबसे उज्ज्वल पक्ष बनकर उभरा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, बागवानी उत्पादन वित्तीय वर्ष 2013-14 में 280.70 मिलियन टन था, जो बढ़कर 2024-25 में 367.72 मिलियन टन तक पहुँच गया है। इस दौरान फलों का उत्पादन: 114.51 मिलियन टन, सब्जियों का उत्पादन: 219.67 मिलियन टन, अन्य बागवानी फसलें: 33.54 मिलियन टन उत्पादन हुआ।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश बन चुका है और वैश्विक प्याज उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत का योगदान देता है। वहीं, सब्जियों, फलों और आलू के उत्पादन में भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, जहां प्रत्येक श्रेणी में वैश्विक उत्पादन में 12 से 13 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।

ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे का ऐतिहासिक विस्तार:

ग्रामीण विकास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि सड़क, आवास, पेयजल और डिजिटल कनेक्टिविटी सहित ग्रामीण आधारभूत ढांचे में तेज़ी से बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत 99.6 प्रतिशत से अधिक पात्र बसाहटों को अब हर मौसम में चलने वाली सड़कों से जोड़ा जा चुका है।

उन्होंने आगे कहा कि पीएमजीएसवाई के विभिन्न चरणों के अंतर्गत लाखों किलोमीटर सड़कें और हजारों पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। साथ ही PMGSY-IV के तहत 10,000 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इससे जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश की करीब 3,270 असंबद्ध बसाहटों तक जरूरी सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित होगी।

आवास, डिजिटल सशक्तिकरण और आजीविका में बड़ा बदलाव:

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य की दिशा में पिछले 11 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 3.70 करोड़ पक्के मकान बनाए जा चुके हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 4.14 करोड़ घरों का लक्ष्य तय किया गया है, जिनमें से अधिकांश को स्वीकृति मिल चुकी है।

डिजिटल पहलों पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत 3.28 लाख गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है और 2.76 करोड़ संपत्ति कार्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 99.8 प्रतिशत भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं अब 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं। साथ ही ‘लखपति दीदी’ की संख्या 2.5 करोड़ के पार पहुंचना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

FAQs:

Q1. आर्थिक सर्वेक्षण 2025 में कृषि की विकास दर कितनी रही?
उत्तर: पिछले पाँच वर्षों में कृषि क्षेत्र की औसत वार्षिक विकास दर 4.4 प्रतिशत रही है।

Q2. 2024-25 में भारत का खाद्यान्न उत्पादन कितना रहा?
उत्तर: 357.73 मिलियन टन, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

Q3. बागवानी क्षेत्र का कृषि GVA में कितना योगदान है?
उत्तर: लगभग 33 प्रतिशत।

Q4. PMGSY के तहत कितनी बसाहटों को सड़क कनेक्टिविटी मिली है?
उत्तर: 99.6 प्रतिशत से अधिक पात्र बसाहटों को।

Q5. लखपति दीदी योजना का ग्रामीण महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ा है?
उत्तर: 2.5 करोड़ से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं।

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