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India’s First Soil Carbon Payments: पंजाब-हरियाणा के 2,550 किसानों को मिलेंगे ₹2.9 करोड़, Regenerative Farming को नई पहचान

भारत के कृषि क्षेत्र में नई क्रांति
भारत के कृषि क्षेत्र में नई क्रांति

भारत में agricultural carbon market अब खेतों तक पहुंच गया है। पंजाब और हरियाणा के 2,550 से अधिक छोटे और सीमांत किसानों को regenerative farming practices अपनाने के लिए ₹2.9 करोड़ से अधिक के digital soil-carbon payments दिए जा रहे हैं। यह पहल खेती में पर्यावरणीय सुधारों को किसानों की अतिरिक्त आय से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

किसानों को Soil Carbon के लिए क्यों मिल रहा है भुगतान?

इन payments का संबंध ‘Aadi’ farmer carbon programme से है, जिसे Grow Indigo ने 2019 में ICAR की technical guidance के साथ शुरू किया था। इस programme के तहत 2019 से 2022 के बीच किसानों ने ऐसी farming practices अपनाईं जिनसे greenhouse-gas emissions को कम करने और soil में carbon बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इनमें मुख्य रूप से सीधी बुआई वाला चावल (Direct Seeded Rice), जुताई में कमी और फसल अवशेष प्रबंधन शामिल हैं। 

2,550 किसानों तक पहुंचा पहला Carbon Payment:

पहली payment प्रक्रिया में पंजाब और हरियाणा के 2,550 किसानों को शामिल किया गया है। कुल वितरण राशि ₹2.9 करोड़ से अधिक है। Programme से जुड़े उपलब्ध विवरण के अनुसार, किसानों को उनके खेतों से generated carbon credits में हिस्सेदारी के आधार पर भुगतान मिलता है। कई किसानों को लगभग ₹3,000 से ₹15,000 के बीच राशि प्राप्त हुई है। यह व्यवस्था खेती में environmental outcomes को सीधे farmer income से जोड़ने का एक नया मॉडल प्रस्तुत करती है।

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Aadi Programme का कितना बड़ा है नेटवर्क?

Aadi programme अब केवल पंजाब और हरियाणा तक सीमित नहीं है। इसके तहत सात राज्यों में 2 million acres से अधिक क्षेत्र और 1 लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। Programme ने agricultural carbon credits जारी करने के लिए Verra VM0042 methodology का इस्तेमाल किया है, जिसमें improved agricultural land management से greenhouse-gas reductions और soil carbon storage को measure किया जाता है।

Regenerative Agriculture को मिलेगा बढ़ावा:

पंजाब और हरियाणा में regenerative agriculture को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों में crop residue management, water conservation और soil-health improvement जैसी practices पर जोर दिया जा रहा है। ऐसी farming practices का उद्देश्य केवल carbon reduction तक सीमित नहीं है। इनके माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता, पानी के बेहतर उपयोग और खेती की climate resilience को भी मजबूत करने पर ध्यान दिया जाता है।

DSR और Crop Residue Management पर जोर:

Regenerative agriculture के तहत अपनाई गई practices में Direct Seeded Rice (DSR) और crop-residue management का विशेष महत्व है। DSR में धान की traditional transplanting प्रक्रिया की तुलना में पानी की जरूरत कम हो सकती है, जबकि बेहतर crop-residue management से खेतों में अवशेष जलाने की आवश्यकता कम करने में मदद मिल सकती है। इससे soil health और air-quality से जुड़े environmental concerns को भी address किया जा सकता है।

किसानों के लिए Carbon Credits का क्या मतलब है?

Soil-carbon payments का मूल विचार यह है कि किसान ऐसी verified farming practices अपनाते हैं जिनसे greenhouse-gas emissions में कमी या soil में carbon storage में वृद्धि दर्ज होती है। इन measurable outcomes के आधार पर carbon credits तैयार किए जाते हैं और programme के अनुसार किसानों को generated credits में उनकी हिस्सेदारी के आधार पर payment मिलता है। इस तरह carbon market किसानों के लिए एक संभावित additional income stream बना सकता है, हालांकि payment की राशि farming practices, verified carbon outcomes और संबंधित carbon-credit arrangements पर निर्भर करती है।

Agriculture में Carbon Market की नई दिशा:

पंजाब और हरियाणा के 2,550 किसानों तक soil-carbon payments पहुंचना भारत में regenerative agriculture और carbon markets के बीच बढ़ते संबंध को दर्शाता है। यह पहल इस बात पर ध्यान केंद्रित करती है कि soil health, water conservation, residue management और climate-friendly farming practices को केवल environmental objectives के रूप में नहीं, बल्कि किसानों के लिए संभावित आर्थिक अवसरों से भी जोड़ा जा सकता है।

FAQs:

1. Agricultural carbon market क्या है?
Agricultural carbon market में खेती से greenhouse-gas emissions कम करने या soil carbon बढ़ाने जैसी verified activities के आधार पर carbon credits तैयार किए जाते हैं।

2. Soil carbon payments किन किसानों को मिल रहे हैं?
पंजाब और हरियाणा के 2,550 से अधिक किसानों को Aadi farmer carbon programme के तहत पहली payment प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

3. किसानों को carbon credits से कितना पैसा मिल सकता है?
उपलब्ध programme details के अनुसार, कई किसानों को लगभग ₹3,000 से ₹15,000 तक payment मिली है। वास्तविक राशि verified carbon outcomes और संबंधित arrangements पर निर्भर करती है।

4. Regenerative agriculture में कौन-सी practices शामिल हैं?
इसमें Direct Seeded Rice, कम जुताई, crop residue management, water conservation और soil-health improvement जैसी practices शामिल हो सकती हैं।

5. Carbon credits किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
Carbon credits verified climate-friendly farming outcomes को आर्थिक value से जोड़ सकते हैं और किसानों के लिए संभावित additional income का रास्ता बना सकते हैं।

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