लेडी रोसेटा आलू अनुदान योजना 2026
By khetivyapar
पोस्टेड: 04 Oct, 2026 12:00 AM IST Updated Sun, 04 Oct 2026 11:00 AM IST
बिहार के किसानों के लिए आलू की खेती से जुड़ी एक उपयोगी योजना शुरू की गई है। राज्य सरकार ने प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त लेडी रोसेटा किस्म के आलू का रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना में किसानों को बीज और खेती से जुड़े खर्च में आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सरकार की ओर से निर्धारित प्रावधान के अनुसार लेडी रोसेटा आलू की खेती के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम ₹93,863 तक अनुदान दिया जाएगा। सहायता राशि दो चरणों में जारी होगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
इन 30 जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन:
लेडी रोसेटा आलू क्षेत्र विस्तार योजना को बिहार के 30 जिलों में लागू किया गया है। इनमें औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, गोपालगंज, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, वैशाली और पश्चिम चंपारण शामिल हैं।
इन जिलों के पात्र किसान योजना के तहत लेडी रोसेटा किस्म की खेती के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कम से कम इतनी जमीन पर करनी होगी खेती:
- योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास न्यूनतम 0.25 एकड़ यानी 0.1 हेक्टेयर भूमि पर लेडी रोसेटा आलू की खेती का प्रावधान है। वहीं अधिकतम 5 एकड़ यानी 2 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सहायता दी जाएगी।
- इसका मतलब है कि किसान अपनी पात्र भूमि के अनुसार निर्धारित सीमा के भीतर योजना का लाभ ले सकते हैं।
एक हेक्टेयर में 30 क्विंटल बीज की जरूरत:
- लेडी रोसेटा आलू की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 30 क्विंटल बीज की अनुमानित आवश्यकता निर्धारित की गई है। बीज की कीमत के लिए ₹4,000 प्रति क्विंटल या वास्तविक बीज मूल्य, दोनों में जो कम होगा, उसे आधार माना जाएगा।
- योजना के तहत बीज सहित खेती की अनुमानित लागत ₹1,25,150 प्रति हेक्टेयर तय की गई है। इसी लागत पर सरकार की ओर से 75 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान है।
प्रति हेक्टेयर ₹93,863 की सहायता:
- योजना के तहत किसानों को लागत का 75 प्रतिशत यानी ₹93,863 प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा। यह पूरी राशि एक साथ नहीं मिलेगी, बल्कि दो चरणों में जारी की जाएगी।
- पहले चरण में ₹70,397 प्रति हेक्टेयर की राशि इनपुट और कृषि सामग्री खरीदने के लिए दी जाएगी। इसके बाद आलू की रोपाई पूरी होने पर स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
- सत्यापन के बाद पात्र किसान को दूसरी किस्त के रूप में ₹23,466 प्रति हेक्टेयर का भुगतान किया जाएगा।
दो किस्तों में मिलेगा अनुदान:
- सहायता का चरण राशि प्रति हेक्टेयर
- पहली किस्त ₹70,397
- दूसरी किस्त ₹23,466
- कुल सहायता ₹93,863
दूसरी किस्त पाने के लिए आलू की रोपाई के बाद विभागीय स्तर पर स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
लेडी रोसेटा किस्म क्यों है खास?
लेडी रोसेटा आलू की ऐसी किस्मों में शामिल है जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्रसंस्करण यानी प्रोसेस्ड फूड उत्पादों के लिए किया जाता है। इसी वजह से राज्य सरकार इस किस्म का क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दे रही है।
किसानों के लिए इसका एक फायदा यह हो सकता है कि प्रसंस्करण उद्योगों की मांग के अनुरूप उत्पादन करने का अवसर मिले। हालांकि खेती शुरू करने से पहले किसान अपने क्षेत्र में उपलब्ध बाजार और खरीद व्यवस्था की जानकारी जरूर लें।
जमीन के दस्तावेज देना जरूरी:
- योजना के लिए आवेदन करते समय किसान को अपनी जमीन से संबंधित वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसके लिए भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र, दो वर्ष तक अद्यतन राजस्व रसीद, ऑनलाइन अद्यतन रसीद या वंशावली के आधार पर वैध भू-स्वामित्व प्रमाण में से निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है।
- यदि भूमि के कागजात में आवेदक का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, तो संबंधित भूमि दस्तावेज के साथ वंशावली देना आवश्यक होगा।
गैर-रैयत किसान भी ले सकते हैं लाभ:
- जिन किसानों के पास अपनी भूमि के स्वामित्व का दस्तावेज नहीं है, उनके लिए भी योजना में प्रावधान रखा गया है। गैर-रैयत किसान निर्धारित एकरारनामा के आधार पर योजना का लाभ ले सकते हैं।
- एकरारनामा का निर्धारित प्रारूप बिहार उद्यान विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। किसान आवेदन करने से पहले संबंधित प्रारूप डाउनलोड करके आवश्यक जानकारी पूरी कर सकते हैं।
बैंक खाते की जानकारी पहले जांच लें:
- योजना में आवेदन करने वाले किसानों को अपने DBT से जुड़े बैंक खाते की जानकारी पहले ही जांच लेने की सलाह दी गई है। बैंक खाता सही और सक्रिय होना जरूरी है, क्योंकि स्वीकृत अनुदान राशि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे बैंकिंग माध्यम से भेजी जाएगी।
- अगर बैंक खाते की जानकारी गलत है या DBT रिकॉर्ड में कोई समस्या है, तो भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
CFMS के जरिए होगा भुगतान:
- योजना के तहत स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान DBT कार्यक्रम के माध्यम से CFMS द्वारा किया जाएगा। इससे पात्र किसान के बैंक खाते में अनुदान राशि भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- इसलिए आवेदन करते समय बैंक खाता संख्या और अन्य बैंक संबंधी जानकारी भरने में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
- किसानों को आवेदन से पहले इन बातों का ध्यान रखना चाहिए
लेडी रोसेटा आलू की खेती के लिए आवेदन करने वाले किसानों को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि उनका जिला योजना में शामिल है या नहीं। इसके बाद पात्र भूमि क्षेत्र और जरूरी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए।
किसान आवेदन से पहले अपने DBT बैंक खाते की स्थिति भी सुनिश्चित कर लें। भूमि दस्तावेज में नाम की स्थिति स्पष्ट न होने पर वंशावली या गैर-रैयत किसान होने की स्थिति में निर्धारित एकरारनामा तैयार रखना होगा।
कहां और कैसे करें आवेदन?
- योजना के लिए इच्छुक किसान बिहार उद्यान विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले योजना की शर्तों और पात्रता को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
- साथ ही, किसान अपने जिले के उद्यान विभाग के संबंधित अधिकारी या कार्यालय से भी योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
FAQs:
1. लेडी रोसेटा आलू की खेती पर कितना अनुदान मिलेगा?
किसानों को अधिकतम ₹93,863 प्रति हेक्टेयर तक अनुदान मिलेगा।
2. पहली किस्त में कितनी राशि मिलेगी?
पहली किस्त के रूप में ₹70,397 प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे।
3. कितनी जमीन पर योजना का लाभ लिया जा सकता है?
न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए सहायता का प्रावधान है।
4. क्या गैर-रैयत किसान आवेदन कर सकते हैं?
हां, निर्धारित एकरारनामा के आधार पर गैर-रैयत किसान भी आवेदन कर सकते हैं।
5. लेडी रोसेटा आलू योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
किसान बिहार उद्यान विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।