AI in Agriculture: खेती को अधिक स्मार्ट, टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में नई दिल्ली में India Mobile Congress (IMC) 2026 के साथ ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन AI फॉर एग्री-फूड सिस्टम्स (GI-AI4FS) की दूसरी बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न देशों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने कृषि एवं खाद्य प्रणाली में AI के जिम्मेदार, प्रभावी और किसान-केंद्रित उपयोग पर चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य तकनीकी नवाचारों को खेती की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ना और किसानों के लिए उपयोगी डिजिटल समाधान विकसित करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना रहा।
बैठक का आयोजन भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) के अंतर्गत टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) ने किया। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने सहयोगी मेजबान की भूमिका निभाई। GI-AI4FS संयुक्त राष्ट्र की एक वैश्विक पहल है, जिसका समन्वय इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) करता है। इसमें संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) का सहयोग भी शामिल है। इस बैठक में लगभग 70 प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष रूप से और 25 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया। इनमें सरकारी विभागों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, कृषि अनुसंधान संस्थानों, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और तकनीकी मानक विकसित करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल रहे।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि AI, IoT और डिजिटल कनेक्टिविटी का सही इस्तेमाल कृषि कार्यों को अधिक सटीक और प्रभावी बना सकता है। इन तकनीकों की मदद से किसानों को फसल प्रबंधन, मौसम की जानकारी और संसाधनों के बेहतर उपयोग में सहायता मिल सकती है।
AI तकनीक के लिए वैश्विक मानक और बेहतर समन्वय पर जोर:
बैठक में केवल तकनीकी समाधानों पर ही नहीं, बल्कि GI-AI4FS की संगठनात्मक संरचना और कामकाज को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान प्रस्तावित गवर्नेंस और समन्वय व्यवस्था, विभिन्न कार्य समूहों (Working Groups) के अध्यक्षों, सह-अध्यक्षों और सदस्यों के नामांकन व पुष्टि तथा उनके कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों से जुड़े विषय एजेंडे में शामिल रहे। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में AI के इस्तेमाल के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और शुरुआती कार्य योजनाओं की पहचान पर भी विचार किया गया। इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य ऐसे AI समाधान विकसित करने को बढ़ावा देना है, जो भरोसेमंद हों, अलग-अलग डिजिटल प्रणालियों के साथ काम कर सकें और किसानों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है AI आधारित खेती?
कृषि क्षेत्र में AI और IoT का प्रभावी इस्तेमाल किसानों को मौसम, फसल स्वास्थ्य और खेती में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से लेने में मदद कर सकता है। इससे संभावित फसल नुकसान को कम करने, उत्पादन प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने और कृषि आपूर्ति शृंखला में सुधार के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, तकनीक अपने आप किसानों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं है। इसके लिए स्थानीय भाषा में सलाह, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, किसानों का प्रशिक्षण और छोटे किसानों की पहुंच में आने वाले किफायती डिजिटल उपकरण भी महत्वपूर्ण होंगे।
FAQs:
1. AI in Agriculture क्या है?
खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके मौसम, फसल स्वास्थ्य और कृषि संसाधनों से जुड़े डेटा का विश्लेषण करना AI in Agriculture कहलाता है।
2. किसानों को AI से क्या फायदा होगा?
AI किसानों को फसल की निगरानी, संभावित रोगों की पहचान और खेती के फैसले लेने में सहायता कर सकता है।
3. खेती में IoT का क्या उपयोग है?
IoT सेंसर के माध्यम से मिट्टी की नमी, तापमान और अन्य जरूरी जानकारियां जुटाने में मदद करता है।
4. क्या AI से खेती की लागत कम हो सकती है?
संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होने पर पानी, खाद और अन्य कृषि खर्चों को कम करने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, परिणाम खेत और तकनीक के अनुसार अलग-अलग होंगे।
5. किसान AI आधारित खेती कैसे शुरू कर सकते हैं?
किसान मौसम ऐप, फसल रोग पहचानने वाले डिजिटल टूल और मिट्टी की नमी मापने वाले सेंसर जैसे किफायती विकल्पों से शुरुआत कर सकते हैं।