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2 दिन में किसानों को ₹6.37 करोड़ का भुगतान, 7 हजार से अधिक किसानों से गेहूं खरीदी तेज

MP गेहूं MSP खरीदी 2026
MP गेहूं MSP खरीदी 2026

मध्यप्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी अभियान तेज गति से जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों को समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी या अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

दिन में करोड़ों का भुगतान:

प्रदेश में अब तक 7 हजार से अधिक किसानों से 3 लाख 6 हजार 190 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। खास बात यह है कि सिर्फ दो दिनों के भीतर ही किसानों के बैंक खातों में ₹6 करोड़ 37 लाख का भुगतान सीधे ट्रांसफर कर दिया गया है। इससे किसानों में भरोसा बढ़ा है और वे बड़ी संख्या में खरीदी केंद्रों पर पहुंच रहे हैं।

कई संभागों में शुरू हुई खरीदी:

गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। शेष संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू की जाएगी। अब तक 1 लाख 90 हजार 261 किसानों ने 85 लाख 12 हजार 830 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक कर लिया है। प्रदेशभर में खरीदी के लिए 3,171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां कार्यालयीन दिनों में नियमित रूप से खरीदी की जा रही है।

उपार्जन केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं:

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, जिन जिलों में खरीदी शुरू हो चुकी है, वहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। केंद्रों पर छायादार बैठने की व्यवस्था, पेयजल, बारदाना, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण उपलब्ध हैं। साथ ही फसल की सफाई के लिए पंखा और छनना जैसी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

MSP और बोनस के साथ खरीदी:

रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की खरीदी ₹2,585 प्रति क्विंटल के MSP पर की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा घोषित ₹40 प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर किसानों को कुल ₹2,625 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है। उपार्जन के लिए पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था की गई है, जिसमें जूट और पीपी/एचडीपी बैग का उपयोग किया जा रहा है। खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। अब तक 1 लाख 5 हजार 260 क्विंटल गेहूं का परिवहन भी किया जा चुका है।

रिकॉर्ड पंजीयन और लक्ष्य:

इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश में रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। पिछले वर्ष लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है।

FAQs:

Q1. मध्यप्रदेश में गेहूं का MSP कितना है?
₹2,585 प्रति क्विंटल + ₹40 बोनस = ₹2,625 प्रति क्विंटल

Q2. गेहूं खरीदी कब से शुरू हुई है?
कुछ संभागों में 9 अप्रैल से और बाकी में 15 अप्रैल से

Q3. भुगतान कैसे किया जा रहा है?
सीधे किसानों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से

Q4. खरीदी केंद्रों पर क्या सुविधाएं मिलती हैं?
पेयजल, छाया, तौल कांटे, इंटरनेट, गुणवत्ता जांच आदि

Q5. इस साल कितने किसानों ने पंजीयन कराया है?
लगभग 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है

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