मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि इस वर्ष प्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश में 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले साल से 3.60 लाख अधिक है। साथ ही पंजीकृत रकबा बढ़कर 41.58 लाख हेक्टेयर हो गया है।
सरकार द्वारा किसानों को ₹2585 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ₹40 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
मंत्री ने बताया कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर भीड़ और इंतजार से बचाने के लिए खरीदी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से खरीदी शुरू होगी। अन्य सभी संभागों में 15 अप्रैल 2026 से उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही राजस्व विभाग द्वारा किसानों के पंजीकृत रकबे का सत्यापन तेज़ी से किया जा रहा है। सत्यापन के बाद स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे किसान तय समय पर आसानी से अपनी उपज बेच सकेंगे।
सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन दिया गया है। इसके अलावा HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है, ताकि खरीदी प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां 120% तक भंडारण की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मार्च-अप्रैल और मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी।
मध्यप्रदेश में लगभग 400 लाख मीट्रिक टन की कवर्ड भंडारण क्षमता उपलब्ध है, जिसमें से करीब 103 लाख मीट्रिक टन क्षमता खाली है। यह इस वर्ष के गेहूं उपार्जन लक्ष्य से भी अधिक है, जिससे खरीदी और भंडारण में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भी आपूर्ति सामान्य: मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रही परिस्थितियों के बावजूद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से आम नागरिकों और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। कुल मिलाकर, इस वर्ष की गेहूं खरीदी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे किसानों को समय पर और बेहतर मूल्य मिल सके।
FAQs:
Q1. मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी कब शुरू होगी?
A. 10 अप्रैल 2026 से कुछ संभागों में और 15 अप्रैल से पूरे प्रदेश में शुरू होगी।
Q2. MSP और बोनस कितना मिलेगा?
A. ₹2585 MSP + ₹40 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।
Q3. कितने किसानों ने पंजीयन कराया है?
A. लगभग 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है।
Q4. कुल गेहूं खरीदी लक्ष्य कितना है?
A. 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।
Q5. स्लॉट बुकिंग क्यों जरूरी है?
A. इससे किसानों को लाइन में इंतजार नहीं करना पड़ता और तय समय पर फसल बेच सकते हैं।