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भारत में मक्का उत्पादन 7.5 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य! नई किस्मों, हाइब्रिड बीजों और आधुनिक तकनीक पर जोर

अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन 2026
अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन 2026

भारत में मक्का की पैदावार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक शोध, उन्नत किस्मों और किसान-केंद्रित तकनीकों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया गया है। हैदराबाद में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन में कृषि वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और उद्योग प्रतिनिधियों ने मक्का उत्पादन को मौजूदा लगभग 5.5 करोड़ टन से बढ़ाकर अगले दशक में 7.5 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य सामने रखा। सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हुई कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों की खेती को अधिक लाभकारी बनाने, गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और मक्का की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर भी ध्यान देना होगा।

हैदराबाद में शुरू हुआ पहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन 2026:

हैदराबाद के जेडी कन्वेंशन सेंटर में 2 से 4 नवंबर 2026 तक पहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य विषय है बदलती दुनिया में खाद्य, पशु आहार, चारा, ईंधन और टिकाऊ विकास के लिए मक्का क्रांति। सम्मेलन में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, कृषि संस्थानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें मक्का की उत्पादकता बढ़ाने, बेहतर पोषण गुणवत्ता वाली किस्में विकसित करने, संसाधनों का कुशल उपयोग करने, कृषि मशीनीकरण और बीज व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। मक्का आज केवल खाद्यान्न तक सीमित नहीं है। पशु आहार, पोल्ट्री फीड, चारा और इथेनॉल उत्पादन में इसकी बढ़ती भूमिका इसे कृषि और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बनाती है।

मक्का उत्पादन 5.5 करोड़ टन से बढ़ाकर 7.5 करोड़ टन करने का लक्ष्य:

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारतीय मक्का अनुसंधान समुदाय की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में मक्का का उत्पादन बढ़कर लगभग 55 मिलियन टन यानी 5.5 करोड़ टन तक पहुंच गया है। पिछले एक दशक में इसकी उत्पादकता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब लक्ष्य अगले 10 वर्षों में उत्पादन को बढ़ाकर लगभग 75 मिलियन टन यानी 7.5 करोड़ टन करना है। इसके साथ ही उत्पादकता में 1.5 गुना वृद्धि हासिल करने पर जोर दिया गया। इस लक्ष्य को पाने के लिए उन्नत कृषि तकनीकों, बेहतर फसल प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण बीज और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग को जरूरी बताया गया।

अब किसान भी होंगे 5F मॉडल का हिस्सा:

डॉ. जाट ने मक्का विकास की पारंपरिक 4F अवधारणा Food (खाद्य), Feed (पशु आहार), Fodder (चारा) और Fuel (ईंधन) में एक और महत्वपूर्ण पहलू जोड़ने की बात कही। उनके अनुसार, इस मॉडल में Farmers यानी किसानों को केंद्र में रखकर 5F दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने अलग-अलग मौसमों और कृषि-जलवायु क्षेत्रों के अनुसार मक्का की खेती को बढ़ावा देने की बात कही, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि इसके विस्तार से तिलहन और दलहन जैसी महत्वपूर्ण फसलों के क्षेत्र पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ना चाहिए। किसानों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बीज सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के हाइब्रिड बीजों और मजबूत बीज वितरण प्रणाली को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

मक्का की नई हाइब्रिड किस्मों और बेहतर पोषण गुणवत्ता पर जोर:

ICAR के उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. डी.के. यादव ने मक्का को खाद्य, पोषण और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण फसल बताया। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में मक्का अनुसंधान और कृषि विस्तार के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि इस अवधि में 329 मक्का हाइब्रिड विकसित किए गए हैं। उन्होंने मक्का पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP on Maize) को और मजबूत बनाने की आवश्यकता जताई।

उनके अनुसार, भविष्य के अनुसंधान में ऐसी किस्मों और हाइब्रिड के विकास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिनमें:

  1. प्रति हेक्टेयर अधिक उत्पादन की क्षमता हो।
  2. पोषण गुणवत्ता बेहतर हो।
  3. कीट और रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता हो।
  4. सूखा, गर्मी और अन्य प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों को सहन करने की क्षमता हो।
  5. खाद, पानी और अन्य कृषि इनपुट का अधिक कुशल उपयोग संभव हो।

इसके साथ ही कृषि मशीनीकरण, किसानों और कृषि कर्मियों का प्रशिक्षण तथा सार्वजनिक क्षेत्र में हाइब्रिड बीज उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

इथेनॉल उत्पादन में मक्का की भूमिका बढ़ाने की तैयारी:

सम्मेलन में मक्का को इथेनॉल उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण कच्चे माल के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा हुई। मक्का आधारित इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा मिलने से कृषि उपज के लिए अतिरिक्त बाजार अवसर विकसित हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उत्पादन, आपूर्ति, प्रसंस्करण और बाजार व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होगा।

(FAQs):

1. भारत में मक्का उत्पादन कितना है?

भारत में मक्का उत्पादन लगभग 5.5 करोड़ टन है।

2. भारत ने मक्का उत्पादन बढ़ाने का क्या लक्ष्य रखा है?

अगले 10 वर्षों में मक्का उत्पादन को बढ़ाकर 7.5 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा गया है।

3. पहला अंतरराष्ट्रीय मक्का सम्मेलन 2026 कहां आयोजित हुआ?

यह सम्मेलन हैदराबाद के जेडी कन्वेंशन सेंटर में 2 से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

4. मक्का का 5F मॉडल क्या है?

5F मॉडल में Food (खाद्य), Feed (पशु आहार), Fodder (चारा), Fuel (ईंधन) और Farmers (किसान) शामिल हैं।

5. पिछले पांच वर्षों में कितने मक्का हाइब्रिड विकसित किए गए हैं?

ICAR के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 329 मक्का हाइब्रिड विकसित किए गए हैं।

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