भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर, 2026 से लागू हो गया है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारतीय निर्यात की सभी टैरिफ श्रेणियों पर सीमा शुल्क समाप्त कर दिया है। इससे कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, मसालों, चाय, कॉफी, कपड़ा, चमड़ा, दवा और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निर्यात में वास्तविक बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय कारोबार और उत्पादक इन अवसरों का कितना लाभ उठा पाते हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारतीय वस्तुओं के निर्यात पर लगने वाले अधिकतम 10 प्रतिशत तक के सीमा शुल्क को समाप्त कर दिया है। इससे भारतीय उत्पादों की लागत संबंधी प्रतिस्पर्धा बेहतर हो सकती है और निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इस समझौते से फल-सब्जियों, मसालों, चाय, कॉफी, कृषि-प्रसंस्कृत उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों के निर्यातकों को अवसर मिलने की संभावना है। इसके अलावा कपड़ा, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल कलपुर्जे, रसायन और दवा उद्योग को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
समझौते में भारत ने घरेलू किसानों, डेयरी उत्पादकों और ग्रामीण समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई संवेदनशील उत्पादों को शुल्क रियायतों से बाहर रखा है। इनमें डेयरी उत्पाद, चीनी, खाद्य तेल और प्रमुख कृषि वस्तुएं शामिल हैं। भारत ने न्यूजीलैंड के लिए अपनी लगभग 70 प्रतिशत टैरिफ लाइनों में रियायतें देने की पेशकश की है, जो दोनों देशों के मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार मूल्य के करीब 95 प्रतिशत हिस्से को कवर करती है। शेष लगभग 29.97 प्रतिशत टैरिफ लाइनों को रियायतों से बाहर रखा गया है। इसका उद्देश्य व्यापार के अवसर बढ़ाने के साथ घरेलू कृषि और संबंधित क्षेत्रों के हितों की रक्षा करना है।
समझौते में न्यूजीलैंड के सेब, कीवी फल और मनुका शहद जैसे उत्पादों के लिए शुल्क-आधारित आयात कोटा और संबंधित शर्तों का प्रावधान किया गया है। इन उत्पादों के बाजार प्रवेश को कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए तय की गई कार्ययोजनाओं से भी जोड़ा गया है।
भारत और न्यूजीलैंड ने वर्ष 2030 तक वस्तुओं एवं सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर लगभग 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर यानी करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार को मौजूदा स्तर से दोगुना करने की दिशा में यह समझौता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। समझौते के लागू होने के अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत से न्यूजीलैंड के लिए जेसीबी मशीन के पहले निर्यात को भी हरी झंडी दिखाई। इस पहल के साथ कृषि, इंजीनियरिंग, चमड़ा, फुटवियर और अन्य क्षेत्रों के निर्यातकों के लिए नए बाजार अवसरों को रेखांकित किया गया।
सेवा क्षेत्र और भारतीय पेशेवरों के लिए भी अवसर:
मुक्त व्यापार समझौते में न्यूजीलैंड ने भारतीय सेवा प्रदाताओं के लिए लगभग 118 क्षेत्रों में बाजार पहुंच देने पर सहमति जताई है। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी, पेशेवर सेवाएं, दूरसंचार, निर्माण, शिक्षा, पर्यटन और अन्य सेवाएं शामिल हैं। आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष प्रणालियों से जुड़ी स्वास्थ्य एवं पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। भारतीय युवाओं और पेशेवरों के लिए हर वर्ष 5,000 अस्थायी रोजगार प्रवेश वीजा और 1,000 वर्किंग हॉलिडे वीजा का कोटा निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों में स्नातक तथा स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने वाले भारतीय विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद अधिकतम तीन वर्ष तक काम करने का अवसर मिल सकता है। डॉक्टरेट पूरी करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अवधि अधिकतम चार वर्ष तक हो सकती है।
न्यूजीलैंड से 20 अरब डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता:
समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। इस निवेश से कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और स्टार्टअप क्षेत्र में अवसर बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, यह निवेश प्रतिबद्धता है; इसे पहले से भारत में आ चुका निवेश नहीं माना जाना चाहिए।
(FAQs):
1. भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA कब लागू हुआ?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर, 2026 से लागू हुआ।
2. इस समझौते से भारतीय किसानों को क्या लाभ हो सकता है?
इससे फल-सब्जियों, मसालों और कृषि-प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
3. क्या न्यूजीलैंड के कृषि उत्पादों पर भारत ने सभी शुल्क हटा दिए हैं?
नहीं, भारत ने डेयरी उत्पादों, चीनी, खाद्य तेल और कई संवेदनशील कृषि वस्तुओं को शुल्क रियायतों से बाहर रखा है।
4. भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक व्यापार का कितना लक्ष्य रखा है?
दोनों देशों ने वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
5. न्यूजीलैंड ने भारत में कितने निवेश की प्रतिबद्धता जताई है?
न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।