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किसानों के बच्चों को अब मिलेंगे ₹60,000 सालाना! योगी सरकार ने दोगुनी की कृषि छात्रवृत्ति की सीटें

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना

उत्तर प्रदेश में किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के बच्चों के लिए उच्च कृषि शिक्षा हासिल करना अब पहले से आसान हो सकता है। योगी सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटों को दोगुना करने के साथ आर्थिक सहायता की राशि भी बढ़ा दी है। अब पात्र विद्यार्थियों को सालाना ₹36,000 की जगह ₹60,000 की छात्रवृत्ति मिलेगी। 

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना: अब दोगुनी हुईं सीटें Chief Minister Krishak Scholarship Scheme: Seats Doubled:

राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से संचालित मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का विस्तार किया गया है। मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, संशोधित व्यवस्था में कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि संस्थानों में छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटें 45 से बढ़ाकर 90 कर दी गई हैं। वहीं, प्रत्येक कृषि महाविद्यालय में इनकी संख्या 15 से बढ़ाकर 30 की गई है। इस बदलाव के बाद योजना के तहत छात्रवृत्ति की कुल निर्धारित सीटें 1,410 से बढ़कर 2,820 हो गई हैं। इससे अधिक पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।

हर महीने ₹5,000, सालाना ₹60,000 की मदद:

योजना के तहत छात्रवृत्ति की राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले पात्र विद्यार्थियों को हर महीने ₹3,000 यानी सालाना ₹36,000 मिलते थे। अब मासिक सहायता बढ़ाकर ₹5,000 कर दी गई है। इस तरह प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को सालाना ₹60,000 मिलेंगे। यानी पहले की तुलना में हर विद्यार्थी को ₹24,000 सालाना अतिरिक्त सहायता प्राप्त होगी। इस राशि से विद्यार्थियों को पढ़ाई और उससे जुड़े अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

अब तक 6,454 विद्यार्थियों को मिल चुकी है छात्रवृत्ति:

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक कुल 6,454 विद्यार्थियों को लगभग ₹22.90 करोड़ की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 11 कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि संस्थानों और 61 कृषि महाविद्यालयों में पात्र विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। 

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के निवासी कृषकों और खेतिहर मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों तथा उन पर पूरी तरह आश्रित पात्र विद्यार्थियों को दिया जाता है। हालांकि, छात्रवृत्ति पाने के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और मेरिट की शर्तों को पूरा करना जरूरी है।

शैक्षणिक पात्रता इस प्रकार बताई गई है:

स्नातक पाठ्यक्रम: यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट में कम से कम 70% अंक और अन्य बोर्ड से कम से कम 85% अंक।

स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम: स्नातक स्तर पर कम से कम 70% अंक:

  1. चयन प्रक्रिया: निर्धारित पात्रता और मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों का चयन।
  2. आवेदन करने से पहले विद्यार्थियों को संबंधित कृषि विश्वविद्यालय, संस्थान या महाविद्यालय से मौजूदा पात्रता, जरूरी दस्तावेजों, आवेदन की तारीख और चयन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।

किसान परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा में मिलेगी मदद:

कृषि शिक्षा में आर्थिक बाधाओं को कम करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। छात्रवृत्ति की राशि और सीटों में बढ़ोतरी से उन मेधावी विद्यार्थियों को सहारा मिल सकता है, जिन्हें आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उच्च शिक्षा जारी रखने में परेशानी होती है। कृषि, उद्यानिकी, वानिकी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की भागीदारी बढ़ने से प्रदेश में कृषि आधारित ज्ञान, नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल सकता है।

FAQs:

1. मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में कितनी राशि मिलेगी?
चयनित विद्यार्थियों को ₹5,000 प्रति माह यानी ₹60,000 सालाना मिलेंगे।

2. योजना की छात्रवृत्ति सीटें कितनी बढ़ी हैं?
सीटें 1,410 से बढ़ाकर 2,820 कर दी गई हैं।

3. मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का लाभ किसे मिलेगा?
उत्तर प्रदेश के किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के पात्र बच्चों को मिलेगा।

4. स्नातक के लिए कितने प्रतिशत अंक जरूरी हैं?
यूपी बोर्ड से 70% और अन्य बोर्ड से 85% अंक जरूरी हैं।

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