MP E-Krishi Yantra Anudan 2026: मध्य प्रदेश के किसान अगर खेती के काम को आसान बनाने के लिए नई मशीनें खरीदना चाहते हैं, तो उनके पास सरकारी सहायता पाने का अवसर है। कृषि विभाग ने इस बार सात तरह के उपकरणों को आवेदन प्रक्रिया में शामिल किया है। इच्छुक किसान 13 अक्टूबर, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले किसानों के चयन के लिए 14 अक्टूबर, 2026 को लॉटरी आयोजित की जाएगी।
इस योजना के तहत खाद छिड़कने, फसल कटाई, गन्ने की खेती और खेतों में बुवाई से जुड़े अलग-अलग कृषि यंत्र शामिल हैं। हालांकि, आवेदन करते समय किसानों को संबंधित यंत्र के लिए तय धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करना अनिवार्य होगा।
ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर जिन कृषि यंत्रों के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं, उनकी धरोहर राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है।
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कृषि यंत्र का नाम |
धरोहर राशि (DD) |
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फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर |
₹ 5,500 |
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स्वचालित हाई ग्राउंड क्लियरेंस स्प्रेयर-बूम टाइप |
₹ 15,000 |
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रीपर (स्वचालित) |
₹ 2,300 |
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रीपर (ट्रैक्टर चालित) |
₹ 2,300 |
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शुगरकेन रेटून मैनेजर |
₹ 5,000 |
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रिजर |
₹ 2,500 |
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ब्रॉड बेड फरो-प्लांटर |
₹ 3,000 |
ध्यान दें: ऊपर दी गई रकम आवेदन के साथ जमा की जाने वाली धरोहर राशि है। इसे कृषि यंत्र पर मिलने वाली सब्सिडी न समझें। अनुदान की वास्तविक राशि किसान की पात्रता और संबंधित यंत्र पर लागू नियमों के अनुसार तय होगी।
कब तक कर सकते हैं आवेदन?
(FAQs):
1. MP E-Krishi Yantra Anudan 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?
मध्य प्रदेश में इन सात कृषि यंत्रों के लिए किसान 13 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
2. ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना की लॉटरी कब होगी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, किसानों के चयन के लिए 14 अक्टूबर 2026 को लॉटरी आयोजित की जाएगी।
3. इस योजना में कितने कृषि यंत्र शामिल हैं?
इस आवेदन प्रक्रिया में सात कृषि यंत्र शामिल हैं, जिनमें फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर, स्प्रेयर-बूम टाइप, रीपर, शुगरकेन रेटून मैनेजर, रिजर और ब्रॉड बेड फरो-प्लांटर शामिल हैं।
4. क्या DD की राशि ही कृषि यंत्र पर मिलने वाली सब्सिडी है?
नहीं, DD की राशि आवेदन के साथ जमा की जाने वाली धरोहर राशि है। सब्सिडी की वास्तविक राशि पात्रता और सरकारी नियमों के अनुसार तय होती है।
5. कृषि यंत्र अनुदान के लिए DD किसके नाम बनवाना होगा?
किसान को अपने बैंक खाते से निर्धारित राशि का DD संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री के नाम बनवाना होगा। DD बनवाने से पहले आधिकारिक जिलेवार सूची में अधिकारी का विवरण जांचना चाहिए।