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कम लागत में शुरू करें हाईटेक बागवानी, UP सरकार दे रही पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और ड्रैगन फ्रूट खेती पर 75% तक सब्सिडी

पॉलीहाउस सब्सिडी 2026
पॉलीहाउस सब्सिडी 2026

किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत कई आकर्षक योजनाएं संचालित कर रही है। इस मिशन के माध्यम से किसानों को फल, फूल, सब्जियों, मसाला फसलों और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मदों में अनुदान दिया जा रहा है। इसके तहत पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, हाईटेक नर्सरी, कोल्ड स्टोरेज और पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाओं पर भी सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस पर मिलेगी 50% तक सब्सिडी:

योजना के तहत संरक्षित खेती को विशेष प्राथमिकता दी गई है। पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस और ग्रीनहाउस में फूलों एवं सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। वहीं अन्य बागवानी गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है। इसके अलावा किसानों को कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने पर 35 प्रतिशत तक तथा जैविक खेती अपनाने पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।

हाईटेक नर्सरी और गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा:

योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने के लिए नर्सरी विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है। छोटी नर्सरी स्थापित करने और उनके मान्यता (Accreditation) कार्य पर 50% तक सब्सिडी और हाईटेक नर्सरी, बड़ी पौधशाला और टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना पर 40% तक अनुदान। इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध होंगे और बागवानी उत्पादन में सुधार आएगा।

ड्रैगन फ्रूट, आम, केला और स्ट्रॉबेरी की खेती पर भी मिलेगा अनुदान:

सरकार नई बागवानी फसलों के विस्तार को भी प्रोत्साहित कर रही है। किसानों को केला, आम, करौंदा, ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसे फलों के नए बाग लगाने पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इसके साथ ही संकर सब्जियों, गेंदा, ग्लैडियोलस, प्याज, लहसुन और धनिया जैसी मसाला एवं फूलों की फसलों की खेती के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

पुराने बागों के जीर्णोद्धार और आधुनिक उपकरणों पर भी सहायता:

सरकार पुराने बागों को दोबारा उत्पादक बनाने के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। योजना के तहत निम्न कार्यों पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है—

  • पुराने बागों का जीर्णोद्धार 
  • समेकित कीट प्रबंधन (IPM) 
  • ट्रैक्टर एवं पावर टिलर 
  • नैपसेक स्प्रेयर 
  • इको-फ्रेंडली नाइट ट्रैप 
  • मधुमक्खी पालन एवं बी-हाइव 
  • हनी बी कॉलोनी 
  • फल एवं गुच्छा (बंच) कवर 

इन सुविधाओं से उत्पादन बढ़ाने के साथ गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिलेगी।

पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट पर सरकार का विशेष फोकस:

कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सरकार आधुनिक भंडारण एवं प्रसंस्करण सुविधाओं को भी बढ़ावा दे रही है। इसके तहत किसानों को निम्न सुविधाओं की स्थापना पर 35 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध है। कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड रूम, पैक हाउस, राइपनिंग चैंबर। इन सुविधाओं से फल एवं सब्जियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा और किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।

SC-ST बहुल क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा 75% तक अनुदान:

राज्य सरकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के छोटे किसानों के लिए विशेष प्रावधान भी लागू कर रही है। राज्य सेक्टर की औद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत 0.20 हेक्टेयर तक भूमि वाले पात्र किसानों को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इस सहायता में सब्जी एवं मसाला बीज, फूलों की खेती, मशरूम उत्पादन, कृषि यंत्रीकरण, प्लास्टिक क्रेट्स, जैव उर्वरक शामिल हैं।

योजना का लाभ कैसे लें?

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान अपने जिले के जनपदीय उद्यान अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन के लिए सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होगी—

  • आधार कार्ड 
  • बैंक खाते का विवरण 
  • खतौनी 
  • 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर आवश्यक प्रपत्र 
  • अन्य आवश्यक दस्तावेज (जिला उद्यान विभाग के निर्देशानुसार)

FAQs:

Q1. MIDH Scheme Uttar Pradesh क्या है?
Ans: यह बागवानी विकास मिशन है जिसके तहत किसानों को पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, फल, फूल, सब्जी, नर्सरी और अन्य बागवानी गतिविधियों पर सब्सिडी दी जाती है।

Q2. पॉलीहाउस पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
Ans: योजना के तहत पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और शेडनेट हाउस पर 50% तक सब्सिडी मिल सकती है।

Q3. किन फसलों पर अनुदान मिलता है?
Ans: आम, केला, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, करौंदा, प्याज, लहसुन, धनिया, फूलों और संकर सब्जियों की खेती पर सहायता उपलब्ध है।

Q4. SC-ST किसानों को कितनी सब्सिडी मिलेगी?
Ans: पात्र SC-ST बहुल क्षेत्रों के छोटे किसानों को 75% तक अनुदान का लाभ मिल सकता है।

Q5. MIDH Scheme Uttar Pradesh के लिए आवेदन कैसे करें?
Ans: किसान अपने जिले के जनपदीय उद्यान अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। योजना की ताजा जानकारी और कृषि समाचार Khetivyapar पर भी देख सकते हैं।

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