पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के बावजूद केंद्र सरकार ने देश में उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर रणनीतिक कदम उठाए हैं। सरकार ने न केवल वैकल्पिक देशों से उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की, बल्कि 15 उर्वरक जहाजों को सुरक्षित भारत पहुंचाकर भंडार को मजबूत किया है। साथ ही प्राकृतिक गैस की 100% आपूर्ति बहाल होने से यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों का घरेलू उत्पादन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, ताकि आगामी खरीफ और रबी सीजन में किसानों को खाद की किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।
सरकार के अनुसार भारत के लिए उर्वरक और उर्वरक कच्चा माल लेकर आने वाले कुल 15 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और निर्धारित समय के अनुसार भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच रहे हैं। इनमें 8 जहाजों से 3.32 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4 जहाजों से 2.57 लाख मीट्रिक टन डीएपी तथा 3 जहाजों से 1.11 लाख मीट्रिक टन सल्फर भारत लाया जा रहा है। इनके आगमन से देश के उर्वरक भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके अलावा 5 और जहाज भारत के लिए निर्धारित किए गए हैं। इनमें अमोनिया, यूरिया और सल्फर की अतिरिक्त खेप भी शामिल है, जिससे आने वाले महीनों में उर्वरकों की उपलब्धता और मजबूत होगी।
सरकार ने बताया कि उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति, जो कुछ समय के लिए घटकर लगभग 65 प्रतिशत रह गई थी, अब पूरी तरह 100 प्रतिशत बहाल हो चुकी है। इसके परिणामस्वरूप देश के सभी यूरिया संयंत्र पूर्ण क्षमता पर कार्य कर रहे हैं।
अप्रैल 2026 में 20.34 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 20.98 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हुआ। मई में 22.55 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 25.19 लाख मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया गया। जून में भी 24.96 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 25.37 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कुल 71.55 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य 67.86 लाख मीट्रिक टन से 3.69 लाख मीट्रिक टन अधिक है।
यूरिया के साथ-साथ डीएपी (DAP) उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पहली तिमाही में 8.61 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 9.84 लाख मीट्रिक टन डीएपी का उत्पादन हुआ। इसी अवधि में एनपीके उर्वरकों का उत्पादन 20.77 लाख मीट्रिक टन तथा एसएसपी (Single Super Phosphate) का उत्पादन 13.50 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया। सरकार का कहना है कि घरेलू उत्पादन में यह बढ़ोतरी आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
देश में पर्याप्त उर्वरक भंडार, राज्यों को मांग के अनुसार होगी आपूर्ति:
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्ष भर के लिए 383.9 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आवश्यकता का आकलन किया गया है। इसके मुकाबले सरकार ने अब तक 197.56 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है, जो वार्षिक
आवश्यकता का 51 प्रतिशत से अधिक है। 2 जुलाई 2026 तक उपलब्ध प्रमुख उर्वरक भंडार इस प्रकार हैं:
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि राज्यों को उनकी वास्तविक मांग के अनुसार उर्वरकों की नियमित आपूर्ति जारी रहेगी, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
FAQs:
Q1. सरकार ने कितने उर्वरक जहाज सुरक्षित भारत पहुंचाए हैं?
उत्तर: सरकार ने उर्वरक और कच्चा माल लेकर आने वाले 15 जहाज सुरक्षित भारत पहुंचाए हैं।
Q2. भारत में कौन-कौन से उर्वरक बड़ी मात्रा में पहुंचे हैं?
उत्तर: जहाजों के माध्यम से यूरिया, डीएपी और सल्फर की बड़ी खेप भारत पहुंची है।
Q3. प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बहाल होने से क्या फायदा हुआ?
उत्तर: 100% गैस आपूर्ति बहाल होने से यूरिया संयंत्र पूर्ण क्षमता पर चल रहे हैं और रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।
Q4. देश में वर्तमान उर्वरक भंडार कितना है?
उत्तर: 2 जुलाई 2026 तक यूरिया 69.08 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 16.64 लाख मीट्रिक टन सहित अन्य उर्वरक का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
Q5. किसानों को उर्वरक की कमी होगी या नहीं?
उत्तर: सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्यों को मांग के अनुसार उर्वरक की नियमित आपूर्ति की जाएगी, इसलिए किसानों को खाद की कमी होने की संभावना नहीं है।