दिल्ली–एनसीआर के लोग अभी भी गंभीर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। हवा की गुणवत्ता लगातार ‘बेहद खराब’ से ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। सोमवार को नवीनतम AQI आंकड़ों के अनुसार, हापुड़ (324), गाजियाबाद (322) और नोएडा (321) में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ रही। दिल्ली का औसत AQI 304 दर्ज किया गया। वहीं ग्रेटर नोएडा (296), गुरुग्राम (275) और मेरठ (268) में स्थिति ‘खराब’ श्रेणी में पाई गई।
आईएमडी के अनुसार, राजधानी दिल्ली में अभी शीतलहर की कोई संभावना नहीं है, लेकिन तापमान में हल्की गिरावट जारी रहेगी। न्यूनतम तापमान में कमी के साथ सुबह और रात की ठिठुरन बढ़ सकती है। उत्तर पश्चिम और पूर्वी भारत में अगले 48 घंटों तक तापमान स्थिर रहेगा, जिसके बाद 2–3 डिग्री की गिरावट संभव है।
केंद्रीय भारत में अगले दो दिनों तक तापमान 2–3 डिग्री बढ़ सकता है और फिर स्थिर रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में 48 घंटों बाद तापमान में 3–4 डिग्री की कमी की उम्मीद है। गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र में भी 2 से 4 दिनों के भीतर 2–3 डिग्री तापमान गिरने का पूर्वानुमान है।
आईएमडी ने हिमाचल प्रदेश में 2–3 दिसंबर तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। पंजाब और मध्य महाराष्ट्र में 1–3 दिसंबर तक तथा पूर्वी राजस्थान में 4–7 दिसंबर के दौरान शीतलहर की स्थिति बन सकती है।
दक्षिण भारत में कमजोर पड़ा चक्रवात ‘दित्वाह’: दक्षिण भारत के कई राज्यों में चक्रवात ‘दित्वाह’ का असर अभी भी देखा जा रहा है। तटीय श्रीलंका और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना यह तूफान कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में दो दिसंबर तक भारी बारिश का अनुमान है। चेन्नई और आसपास के जिलों में सोमवार को लगातार हुई बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ गिर पड़े और फसलों–मवेशियों को भारी नुकसान पहुंचा।
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