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गेहूं उपार्जन लक्ष्य बढ़ाने की तैयारी: किसानों को मिल सकता है बड़ा लाभ

गेहूं MSP उपार्जन 2026
गेहूं MSP उपार्जन 2026

प्रदेश में गेहूं की बेहतर पैदावार को देखते हुए समर्थन मूल्य (MSP) पर उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने के प्रयास तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। हालांकि, मौजूदा उत्पादन स्थिति को देखते हुए यह लक्ष्य पार होने की संभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से लक्ष्य बढ़ाने को लेकर लगातार चर्चा की जा रही है।

रिकॉर्ड पंजीयन, किसानों की बढ़ती भागीदारी:

इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 3 लाख अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि किसान अब सरकारी खरीद व्यवस्था पर अधिक भरोसा जता रहे हैं और इसका लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं।

उपार्जन और भुगतान की स्थिति मजबूत:

अब तक प्रदेश में 2 लाख 21 हजार 455 किसानों से 95 लाख 17 हजार 550 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसमें से 75 लाख 57 हजार 580 क्विंटल गेहूं का परिवहन भी पूरा किया जा चुका है। सरकार द्वारा किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक 1 लाख 6 हजार 55 किसानों को कुल 1091.33 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।

बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था:

शुरुआती चरण में पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण बारदाने की उपलब्धता को लेकर चुनौतियां सामने आई थीं। इसके बावजूद सरकार ने समय रहते जूट के नए बारदानों के साथ-साथ पीपी बैग और भर्ती बारदानों की व्यवस्था कर स्थिति को संभाला। वर्तमान में गेहूं उपार्जन के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है।

किसानों को MSP के साथ बोनस का लाभ:

प्रदेश में किसानों से गेहूं की खरीद 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जा रहा है। इस तरह किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान मिल रहा है, जिससे उनकी आय में सीधा लाभ हो रहा है।

किसानों के हित में सरकार के प्रयास जारी: सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। गेहूं उपार्जन लक्ष्य बढ़ाने की पहल इसी दिशा में एक अहम कदम है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सकेगा।

FAQs:

Q1. गेहूं का MSP 2026 कितना है?
Ans: गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल है, साथ में 40 रुपये बोनस मिलाकर 2625 रुपये मिलता है।

Q2. इस बार कितने किसानों ने पंजीयन कराया है?
Ans: लगभग 19.04 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है।

Q3. सरकार खरीद लक्ष्य क्यों बढ़ाना चाहती है?
Ans: बेहतर उत्पादन और बढ़ती किसान भागीदारी के कारण लक्ष्य बढ़ाने की संभावना है।

Q4. किसानों को भुगतान कैसे किया जा रहा है?
Ans: भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है।

Q5. बारदाने की समस्या क्या अब खत्म हो गई है?
Ans: हां, अब जूट और पीपी बैग की पर्याप्त व्यवस्था होने से समस्या हल हो चुकी है।

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