आज 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही मौसम ने भी करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर भारत सहित मध्य भारत के कई राज्यों में 21 मार्च तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। खासतौर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में बुधवार शाम अचानक मौसम बदला। नोएडा, गाजियाबाद समेत दिल्ली से सटे इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुआ है, जिसका असर 21 मार्च तक जारी रहेगा। इस दौरान 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके चलते प्रदेश में अगले दो दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के संकेत हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा, फिरोजाबाद और बिजनौर सहित आसपास के जिलों में ओलावृष्टि की विशेष चेतावनी जारी की गई है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान हो सकता है।
19 मार्च को मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा में आज का मौसम, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं (40–50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। 20 मार्च को यह गतिविधियां और बढ़ेंगी, जब पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूरे उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
21 मार्च: पूर्वी यूपी में असर जारी:
21 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रहेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा।
किसानों के लिए जरूरी सलाह: किसानों को सलाह दी गई है कि वे पकी फसलों की कटाई फिलहाल टालें और खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा के उपाय करें। तेज हवाओं और ओलावृष्टि को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है। कुल मिलाकर, नवरात्रि की शुरुआत के साथ मौसम में यह बदलाव जहां गर्मी से राहत देगा, वहीं किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
FAQs:
1. चैत्र नवरात्रि 2026 में मौसम कैसा रहेगा?
उत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में 21 मार्च तक अस्थिर मौसम, गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना।
2. ओलावृष्टि से फसल को कैसे बचाएं?
फसल को मजबूत बाँधकर और खेत में अस्थायी ढाल या कवर का उपयोग करके सुरक्षित रखें।
3. किसान किस प्रकार मौसम अपडेट प्राप्त कर सकते हैं?
IMD की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और Khetivyapar जैसे कृषि पोर्टल से मौसम अपडेट प्राप्त कर सकते हैं।
4. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं का असर कब तक रहेगा?
पश्चिमी यूपी में 21 मार्च तक तेज हवाओं का असर रहेगा।
5. पकी फसल की कटाई कब करनी चाहिए?
ओलावृष्टि और तेज हवाओं के खतरे खत्म होने के बाद ही फसल की कटाई करें।