देशभर में मौसम एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। मार्च के अंत से लेकर अप्रैल की शुरुआत तक कई राज्यों में बारिश, आंधी, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल सकता है। India Meteorological Department के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 31 मार्च से 5 अप्रैल के बीच उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर रहेगा। इस दौरान जहां पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होगी, वहीं मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे जनजीवन और खेती दोनों प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक 31 मार्च को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ गरज-चमक व 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में आज का मौसम, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी इसी दिन आंधी-बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।
3 से 5 अप्रैल के बीच एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश/बर्फबारी का दौर चलेगा। वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी तेज हवाओं (30–60 किमी/घंटा) के साथ बारिश हो सकती है।
अगले 5 दिनों के दौरान मध्य भारत में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 31 मार्च और 1 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात में 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच कहीं-कहीं बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कोंकण और गोवा में भी इस दौरान मौसम अस्थिर रहेगा। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
मध्यप्रदेश में मौसम का असामान्य दौर लगातार जारी है। बीते दिनों उज्जैन, नीमच, मंदसौर, बैतूल, धार और सीहोर जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि भोपाल सहित 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बादल छाए रहे, जिससे मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
2 अप्रैल से फिर एक्टिव होगा नया सिस्टम: India Meteorological Department के अनुसार 2 अप्रैल से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ मध्यप्रदेश पर भी पड़ेगा। इसके प्रभाव से एक बार फिर आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर तेज हो सकता है। इस बार मार्च महीने में मौसम ने बार-बार करवट ली है। कभी तेज गर्मी तो कभी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के कई दौर देखने को मिले। अब तक 45 से ज्यादा जिलों में इसका असर देखा जा चुका है, जिससे कई जगह फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
FAQs:
Q1. 31 मार्च से 5 अप्रैल तक मौसम कैसा रहेगा?
इस दौरान कई राज्यों में बारिश, आंधी, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना है।
Q2. किन राज्यों में ज्यादा असर रहेगा?
उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
Q3. क्या किसानों को नुकसान हो सकता है?
हां, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
Q4. ओलावृष्टि कहां होने की संभावना है?
विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 31 मार्च और 1 अप्रैल को ओले गिर सकते हैं।
Q5. मौसम की सटीक जानकारी कहां से लें?
आप India Meteorological Department और Khetivyapar पर अपडेट देख सकते हैं।