देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में देशी नस्ल की गायों (साहिवाल, गिर, थारपारकर) के संवर्द्धन को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत बिहार राज्य के सभी वर्गों के कृषकों, पशुपालकों एवं बेरोजगार युवक-युवतियों को स्व-रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे उनका आर्थिक और सामाजिक उत्थान होगा और वे राज्य के विकास में योगदान दे सकेंगे।
इस योजना के अंतर्गत 2 एवं 4 देशी गायों या बाछी (हिफर) की डेयरी इकाई स्थापित करने पर निम्नलिखित अनुदान दिया जाएगा।
कार्य क्षेत्र: इस योजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाएगा।
पात्रता:
1.पूंजीगत खर्च (एक इकाई की स्थापना पर कुल लागत):
| क्र. | विवरण | लागत (रुपये में) |
| 1 | 2 देशी गायों की खरीद (प्रति गाय ₹1,00,000) | ₹2,00,000/- |
| 2 | पशु बीमा (ट्रांजिट बीमा सहित) (क्रय मूल्य का 6%) | ₹12,000/- |
| 3 | पशुशाला निर्माण एवं अन्य खर्चे | ₹30,000/- |
| कुल खर्च | ₹2,42,000/- |
2. वित्तीय सहायता (अनुदान, बैंक ऋण और लाभार्थी अंशदान):
| विवरण | अत्यंत पिछड़ा वर्ग/अनुसूचित जाति/जनजाति | अन्य वर्ग |
| योजना पर कुल लागत | ₹2,42,000/- | ₹2,42,000/- |
| लाभार्थी का अंशदान | ₹12,100/- (5%) | ₹24,200/- (10%) |
| बैंक ऋण | ₹2,29,900/- (95%) | ₹2,17,800/- (90%) |
| राज्य सरकार द्वारा अनुदान (Back Ended) | ₹1,81,500/- (75%) | ₹1,21,000/- (50%) |
योजना का क्रियान्वयन:
महत्वपूर्ण जानकारी:
इस योजना में आवेदन कहां किया जा सकता है?
यदि आप 'देसी गौपालन प्रोत्साहन योजना' (Cow Subsidy Scheme) का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आप गव्य विकास विभाग की वेबसाइट dairy.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, अधिक जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी पशुपालन विभाग या योजना के हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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