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Rain Alert: 29 मार्च से 3 अप्रैल तक बारिश, आंधी, ओला और बर्फबारी का अलर्ट

आंधी-तूफान, ओलावृष्टि
आंधी-तूफान, ओलावृष्टि

Weather today: मार्च के अंतिम दिनों में देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर गर्मी धीरे-धीरे दस्तक दे रही थी, वहीं अब सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर, पूर्वोत्तर, पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मार्च से 3 अप्रैल के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और ओलावृष्टि जैसी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में आंधी-बारिश का असर रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट आने और गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की संभावना है।

उत्तर भारत में 3 दिन बारिश-आंधी का असर:

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद क्षेत्रों में 29 से 31 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा, झोंकों में 60 किमी/घंटा तक) चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 29-30 मार्च और 2-3 अप्रैल को, जबकि उत्तराखंड में 29 से 31 मार्च के दौरान इसी तरह का मौसम बना रहेगा।

मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में आज का मौसम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी 29 से 31 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। 30 मार्च को कश्मीर घाटी में भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा, 29-30 मार्च के दौरान कई इलाकों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है।

आगे का मौसम पूर्वानुमान:

मौसम विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल के बाद धीरे-धीरे मौसम में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि पहाड़ी राज्यों में 2-3 अप्रैल के दौरान फिर से हल्की बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मैदानी इलाकों में इस सिस्टम के गुजरने के बाद तापमान में हल्की गिरावट आएगी, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। तेज हवाओं और बारिश के कारण दिन के तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है, जबकि रात का तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा।

कई दिनों तक बारिश का सिलसिला:

अरुणाचल प्रदेश में 29 मार्च से 3 अप्रैल तक, जबकि असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 मार्च से 1 अप्रैल तक रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा) चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश में 29 मार्च और 31 मार्च से 3 अप्रैल के बीच भारी बारिश की संभावना है। असम-मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर के 7 राज्यों में मौसम अलर्ट जारी:

सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 मार्च से 1 अप्रैल तक व्यापक बारिश और तेज हवाएं (40-60 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी 29 मार्च से 2 अप्रैल के बीच बारिश के साथ आंधी-तूफान का असर रहेगा। 29 और 31 मार्च को कुछ इलाकों में तेज तूफानी हवाएं (50-70 किमी/घंटा) चल सकती हैं। 31 मार्च को सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट है।

एमपी और छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम:

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 मार्च से 1 अप्रैल तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 30 मार्च से 1 अप्रैल तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रहेगा। विदर्भ में 30 मार्च से 3 अप्रैल तक और छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 30 मार्च को पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में ओलावृष्टि भी हो सकती है।

महाराष्ट्र-गुजरात में बारिश और तेज हवाओं का असर:

मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 29 मार्च से 1 अप्रैल तक, जबकि गुजरात में 29-30 मार्च को बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तटीय महाराष्ट्र में 31 मार्च और 1 अप्रैल को मौसम बदलेगा। 30-31 मार्च के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि की भी आशंका है।

किसानों को सलाह: इस दौरान तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम करें। साथ ही, खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।

FAQs:

Q1. यह मौसम बदलाव कब तक रहेगा?
Ans: यह मौसम बदलाव 29 मार्च से 3 अप्रैल तक जारी रहने की संभावना है।

Q2. किन राज्यों में बारिश का ज्यादा असर रहेगा?
Ans: उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में अधिक असर रहेगा।

Q3. क्या ओलावृष्टि का खतरा है?
Ans: हां, कई राज्यों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।

Q4. क्या तापमान में गिरावट आएगी?
Ans: हां, दिन के तापमान में 2-4°C तक कमी आ सकती है।

Q5. किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
Ans: फसलों को सुरक्षित रखें, मौसम अपडेट देखें और तेज हवाओं के दौरान खेत में काम से बचें।

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