ओडिशा के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की मांगों पर त्वरित निर्णय लेते हुए मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी और सरसों की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को मंजूरी दे दी है। इन फसलों की कुल MSP वैल्यू ₹1,428.31 करोड़ से अधिक आंकी गई है, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और ओडिशा के उपमुख्यमंत्री व कृषि मंत्री श्री कनक वर्धन सिंह के बीच चर्चा हुई। बैठक में राज्य सरकार के प्रस्ताव, उत्पादन अनुमान और खरीद की जरूरतों की समीक्षा के बाद पांच प्रमुख फसलों की खरीद को स्वीकृति दी गई। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी, लेकिन खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सीधे किसानों से होनी चाहिए।
यह पूरी प्रक्रिया प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत 90 दिनों की अवधि के लिए प्रस्तावित है। राज्य सरकार पहले से ही PoS आधारित खरीद प्रणाली पर काम कर रही है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सूरजमुखी की खेती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह फसल कई क्षेत्रों में धीरे-धीरे कम हो रही थी, लेकिन ओडिशा में इसका विस्तार उत्साहजनक है। केंद्र सरकार ने इस फसल के रकबे और उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग देने का भरोसा दिया।
पारदर्शी खरीद पर सख्त निर्देश:
श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि खरीद प्रक्रिया की लगातार निगरानी जरूरी है, ताकि किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और वास्तविक किसानों को ही MSP का लाभ मिले। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिसमें किसानों के नाम पर व्यापारियों को फायदा न हो।
किसानों के हित में केंद्र की प्रतिबद्धता: केंद्र सरकार ने दोहराया कि वह ओडिशा के किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पारदर्शी और ईमानदार खरीद प्रणाली के जरिए किसानों को समय पर उचित मूल्य दिलाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
FAQs:
Q1. MSP क्या होता है?
MSP (Minimum Support Price) वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है।
Q2. किन फसलों की MSP खरीद मंजूर हुई है?
मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी और सरसों।
Q3. यह योजना किसके तहत लागू होगी?
यह PM-AASHA Yojana के तहत लागू होगी।
Q4. किसानों को इसका क्या फायदा होगा?
किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिलेगा और बिचौलियों से बचाव होगा।
Q5. खरीद प्रक्रिया कितने दिन चलेगी?
यह प्रक्रिया 90 दिनों तक चलेगी।