देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिससे हीटवेव (लू) का खतरा बढ़ गया है। वहीं दूसरी ओर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे कुछ क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति बन गई है। 10 मार्च को हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में लू या भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात और विदर्भ क्षेत्र में 11 मार्च तक लू का खतरा बना रह सकता है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी कई इलाकों में तापमान काफी ऊंचा दर्ज किया गया। मराठवाड़ा, पश्चिम राजस्थान और विदर्भ के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अकोला में सबसे अधिक 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज किया गया। वहीं हरियाणा, दिल्ली में आज का मौसम, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक ऊपर रहा।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 से 12 मार्च के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ बारिश तथा बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 और 11 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश या बर्फबारी भी हो सकती है।
पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 से 11 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 14 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर बना रहेगा। 10 मार्च को दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। इस दिन अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 11 मार्च को तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, वहीं 12 मार्च को भी मौसम आंशिक रूप से बादलों भरा रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में सामान्य से अधिक गर्मी महसूस की जा सकती है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान का ट्रेंड:
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में अगले तीन दिनों तक तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक तापमान ऊंचा बना रह सकता है। पूर्वोत्तर भारत में अगले चार दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहने और उसके बाद हल्की गिरावट आने की संभावना है।
किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह: बढ़ते तापमान का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। अधिक गर्मी के कारण खेतों में नमी तेजी से कम होती है और फसल जल्दी पकने लगती है। ऐसे में गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों में समय-समय पर हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी के चलते गेहूं में दाना भरने की अवधि कम हो सकती है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
FAQs:
1. मार्च में लू का खतरा किन राज्यों में ज्यादा है?
राजस्थान, गुजरात, विदर्भ और कुछ हिस्सों में मार्च की शुरुआत में ही लू का खतरा बढ़ गया है।
2. पश्चिमी विक्षोभ का असर किन क्षेत्रों में होगा?
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
3. दिल्ली में तापमान कितना रहने का अनुमान है?
दिल्ली में अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
4. किसानों को बढ़ते तापमान में क्या करना चाहिए?
किसानों को रबी फसलों में समय-समय पर हल्की सिंचाई करनी चाहिए ताकि खेतों में नमी बनी रहे।
5. अधिक गर्मी का गेहूं की फसल पर क्या असर पड़ता है?
अधिक गर्मी के कारण गेहूं में दाना भरने की अवधि कम हो सकती है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है।