मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदी अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बड़े पैमाने पर उपार्जन किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है। साथ ही, भुगतान सीधे बैंक खातों में होने से पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो रही है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में 3.05 लाख से अधिक किसानों से करीब 12.94 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही है।
सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए अब तक एक लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में लगभग ₹1333 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर कर दी है। इससे किसानों को बिचौलियों और देरी की समस्या से राहत मिली है, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहले प्रति केंद्र 1000 क्विंटल की सीमा थी। इसे बढ़ाकर 1500 और अब 2250 क्विंटल कर दिया गया है। इस निर्णय से अधिक किसान कम समय में अपनी उपज बेच पा रहे हैं। अब तक 7 लाख से ज्यादा किसानों ने 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक कर लिया है। वहीं, तकनीकी कारणों से सत्यापन न होने वाले कुछ खसरों के लिए भी आंशिक स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है।
उपार्जन केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं:
प्रदेशभर में 3000 से अधिक उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इनमें शामिल हैं:
इसके अलावा, गेहूं की सफाई के लिए पंखे और छनने की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो।
MSP के साथ बोनस का अतिरिक्त लाभ:
इस वर्ष गेहूं की खरीदी ₹2585 प्रति क्विंटल MSP पर की जा रही है, जिसमें ₹40 प्रति क्विंटल का बोनस जोड़कर किसानों को कुल ₹2625 प्रति क्विंटल का भुगतान मिल रहा है। यह दर बाजार मूल्य की तुलना में किसानों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो रही है।
भंडारण और परिवहन की मजबूत व्यवस्था: सरकार ने खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए जूट और पीपी/एचडीपी बैग की पर्याप्त व्यवस्था की है। अब तक करीब 9.69 लाख मीट्रिक टन गेहूं का परिवहन भी किया जा चुका है, जिससे भंडारण पर दबाव कम हुआ है।
किसानों के लिए राहत भरा अभियान: कुल मिलाकर, इस वर्ष मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और किसान हितैषी नजर आ रही है। समय पर भुगतान, बेहतर सुविधाएं और बढ़ी हुई स्लॉट बुकिंग क्षमता किसानों को बड़ी राहत दे रही है और उनकी आय को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
FAQs:
1. मध्यप्रदेश में गेहूं का MSP 2026-27 क्या है?
₹2585 प्रति क्विंटल, साथ में ₹40 बोनस मिलाकर ₹2625 प्रति क्विंटल।
2. कितने किसानों से गेहूं खरीदी हो चुकी है?
लगभग 3.05 लाख किसानों से गेहूं खरीदी की गई है।
3. किसानों को भुगतान कैसे किया जा रहा है?
सीधे बैंक खातों में DBT के माध्यम से।
4. स्लॉट बुकिंग की नई सीमा क्या है?
अब प्रति केंद्र 2250 क्विंटल तक स्लॉट बुकिंग की जा सकती है।
5. गेहूं खरीदी से किसानों को क्या फायदा हो रहा है?
उन्हें MSP पर सही दाम, समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।